भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की दिल्ली वापसी को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। क्या वे एमपी में इसी पद पर बने नहीं रह सकते थे। यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने कार्यकाल के अंतिम दिनों में अपने पसंदीदा अधिकारी को आखिरकार दिल्ली बुला ही लिया। कई लोग इसे एमपी के राजनीतिक हालातों से जोड़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आधिकारिक नियुक्ति आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने अनुराग जैन की नियुक्ति को मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। आदेश में कहा गया है कि उन्हें स्वीकृत सेवा विस्तार की अवधि तक तथा उसके बाद कुल दो वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, नीति आयोग के सीईओ पद पर कार्य करने की अनुमति दी गई है।
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केद्र के लिए नीति आयोग महत्वपूर्ण
उल्लेखनीय है कि अनुराग जैन मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव बनने से पहले केंद्र में पदस्थ थे। अनुराग जैन ने केंद्र में कई विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी वजह से उन्हें केंद्र सरकार के खास अधिकारियों में गिना जाता था। अब केंद्र सरकार ने उन्हें न सिर्फ दिल्ली बुलाया, बल्कि नीति आयोग के सीईओ जैसे महत्वपूर्ण पद पर बिठाया। नीति आयोग केंद्र सरकार का सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है, जो देश की विकास योजनाओं, आर्थिक नीतियों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
केंद्र की कई योजनाओं में बड़ी भूमिका
1989 बैच के आईएएस अनुराग जैन एमपी कैडर के हैं। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उन्होंने अमेरिका के प्रसिद्ध मैक्सवेल स्कूल ऑफ सिटिजनशिप एंड पब्लिक अफेयर्स से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री ली है। वे केंद्र और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वे एमपी में चीफ सेक्रेटरी के पद पर वर्तमान में पदस्थ हैं। इसके पूर्व वे पीएमओ, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना ‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान’ के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका रही है।
31 अगस्त 2025 में थी सेवानिवृत्ति
अनुराग जैन की सेवानिवृत्ति 31 अगस्त 2025 को निर्धारित थी. लेकिन केंद्र सरकार ने उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया था। पिछले कुछ सप्ताह से यह चर्चा चल रही थी कि क्या उन्हें मुख्य सचिव के रूप में एक और सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा। अब नीति आयोग के सीईओ के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद यह अटकलें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। अनुराग जैन अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे।
सरकार की योजनाओं को मिली थी गति
उनके कार्यकाल के दौरान सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, नौकरशाही में बेहतर समन्वय और केंद्र व राज्य सरकार के बीच मजबूत तालमेल को उनकी प्रमुख उपलब्धियों में माना गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनकी दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से लगातार हुई बैठकों को भी उनके सेवा विस्तार की एक अहम वजह माना गया।
सीएम मोहन यादव की नई पसंद बने बर्णवाल
प्रदेश में नए मुख्य सचिव के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोक बर्णवाल का चयन किया है। वे जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। 1991 बैच के अशोक बर्णवाल नीति आयोग के सीईओ बनाए गए अनुराग जैन के भरोसेमंद अधिकारी रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जैन की सिफारिश पर ही उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया है। स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रशासन से जुड़े विभिन्न जटिल विभागों का कुशलतापूर्वक संचालन करने का 35 वर्षों का लंबा अनुभव है। तकनीकी और प्रबंधकीय योग्यता में भी उनकी महारत हासिल है। उन्होंने बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) के साथ-साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनकी यही पृष्ठभूमि नीतिगत चुनौतियों को तकनीकी और रणनीतिक दृष्टिकोण से हल करने में मददगार साबित होती है।
दो मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव रह चुके हैं बर्णवाल
अशोक बर्णवाल उन अधिकारियों में से हैं जो दो मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव रहे हैं। अगस्त 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया तो 2018 में जब कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी तब भी वे प्रमुख सचिव थे।



