नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. उनके साथ कई युवा भी घायल हो गए. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को घायलों से मिलने दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों की उस टीम से भी बातचीत की, जो कि घायलों का इलाज कर रही है.
उल्लेखनीय है कि नड्डा ने इससे पहले सोमवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की थी और उनकी मांगों को सुना था. युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर सोमवार मार्च किया था. इस दौरान पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे, तभी कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे. वहीं कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी थी. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ भी की. दिल्ली के कॉनटप्लेस से लेकर जनपथ तक सड़कों पर पत्थर बिखरे दिखे.
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कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर किया वार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करके कहा, ‘हम चाहते थे कि इस मुद्दे पर चर्चा हो, जिसके बाद गृह मंत्री एक स्टेटमेंट दें, लेकिन सरकार ने हमारा ही मुंह बंद करा दिया. आखिर प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया, उन्हें क्यों मारा-पीटा गया? अगर इन मुद्दों पर संसद में भी चर्चा न हो, तो कहां बात करें? ये सरकार खुद अराजकता पैदा कर रही है, लोगों को उकसा रही है, ताकि उन पर लाठीचार्ज करवाया जाए, उन्हें मार-पीटकर, डराकर जेल में डाला जाए.’
शशि थरूर ने कहा-यह वाकई दुखद स्थिति
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘यह वाकई बहुत दुखद स्थिति है. संसद का काम ही चर्चा करना है. हमारे सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जो देश और इस राजधानी शहर में बहुत अहम हैं. हमने देखा कि कल क्या हुआ और ऐसे हालात में अगर संसद इन पर चर्चा करने की जगह नहीं है, तो फिर कौन सी जगह है? मुझे लगता है कि स्पीकर को खुद मामले को अपने हाथ में लेना चाहिए और पूरी स्थिति पर खुली चर्चा बुलाकर संसद में इस गतिरोध को खत्म करना चाहिए.’



