नगर निगम में लंबे समय से चल रही थी भागीरथपुरा में पाइप बदलने की फाइल, सोते रहे अफसर, तीन मौतों के बाद आज मंजूर होने भेजा टेंडर

Date:

इंदौर। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा एक के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। विडंबना यह है कि यहां टूटी-फूटी नर्मदा लाइन बदलने की मांग लंबे समय से चल रही थी, लेकिन नगर निगम में सिर्फ नोटशीट चलती रही। जब तीन लोगों की जानें चली गईं तो आज नगर निगम ने पाइप बदलने के टेंडर को मंजूरी के लिए टेंडर समिति में भेजा है।

उल्लेखनीय है कि देश के सबसे साफ शहर के एक नंबर विधानसभा के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार अभी तक तीन लोगों की मौत की बात पता चली है। स्पष्ट जानकारी स्वास्थ्य विभाग से ही मिलेगी। घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भार्गव ने कहा कि महापौर परिषद के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन इलाकों में गंदे पानी की शिकायत है, वहां तुरंत पेयजल लाइन या ड्रेनेज की लाइन बदली जाए। भागीरथपुरा में भी नई लाइन डालने के निर्देश दिए गए थे, इसमें अफसरों की तरफ से देरी हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों में भागीरथपुरा निवासी नंदलाल पाल (75) समेत दो महिलाएं शामिल हैं। नंदलाल ने मंगलवार सुबह वर्मा वर्मा नर्सिंग होम में दम तोड़ा। उनको 28 दिसंबर को उल्टीदस्त की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था।

लंबे समय से फाइलों में अटका है प्रस्ताव

इंदौर के जोन चार के वार्ड 11 के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में कई बार पाइप बदलने की मांग उठी है। फिर यह फाइलों में भी आ गई। फाइलों में कहा गया कि नई बस्ती, मराठी मोहल्ला, चिराड़ मोहल्ला, पार्षद वाली गली, राम मंदिर बड़ा कुआ, बौरासी वाली गली, रफेली, यादव कॉलोनी, भट्टा बस्ती एवं शेष भागीरथपुरा में नर्मदा की जर्जर लाइन बदलने की मांग क्षेत्रीय पार्षद द्वारा लगातार की जा रही थी।

सीएम हेल्पलाइन में भी हुई थी शिकायत

सूत्र बताते हैं कि नगर निगम में भागीरथपुरा की नर्मदा लाइन की जो फाइल चली, उसमें जिसमें लिखा गया था कि लाइन बदलने का कार्य किया जाना अतिआवश्यक है। वर्तमान में क्षेत्र में जर्जर लाइन होने से गंदे पानी की समस्या आती है नर्मदा लाईन में लिकेज संबंधित शिकायत सी.एम. हेल्पलाइन एवं मेयर हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होती है।

मंत्रीजी के कार्यालय तक बिछ गई थी लाइन

सूत्र बताते हैं कि नगर निगम की नोटशीट में यह भी जिक्र किया गया है कि क्षेत्रीय पार्षद द्वारा लगातार नर्मदा लाइन बदलने की मांग की जा रही है। चूंकि विधानसभा एक के विधायक मध्यप्रदेश शासन के मंत्री जी है, इसलिए उनके कार्यालय की लाइन बिछा दी गई है, लेकिन शेष स्थानों पर लाइन नहीं डाली गई है।

आज जागे हैं अफसर, समिति को भेजा टेंडर

सूत्र बताते हैं कि पाइप बदलने की फाइल 2024 से ही चल रही है, लेकिन हुआ कुछ नहीं। सिर्फ फाइल में नोटशीट की संख्या बढ़ती रही और अफसर उस पर चिड़िया बिठाते रहे। टेंडर भी बुलाए गए, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हुआ। नोटशीट में कई जगह यह जिक्र भी किया गया है कि यह काम अति आवश्यक है, लेकिन टेंडर निकलने के बाद भी कोई फैसला नहीं हो पाया। आज यानी 30 दिसंबर को जब तीन मौतें हो चुकी हैं, नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली है। आज नगर निगम के कार्यपालन यंत्री जलप्रदाय ने भागीरथपुरा में नर्मदा लाइन बदलने का टेंडर अपनी चिड़िया बिठाकर टेंडर समिति में भेजा है।

आखिर इस लापरवाही के पीछे कौन?

प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र का जब यह हाल है तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव तक को मंत्री की परवाह नहीं है, तब किसी पार्षद की क्या हैसियत जो वह जनता का काम करा ले। ऐसे में अब जरूरी है कि जिम्मेदारों की पहचान की जाए और उन पर कड़ा एक्शन लिया जाना जरूरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related