चीन ने ईरानी तेल खरीदने वाली पांच कंपनियों पर अमेरिका द्वारा लगाई गई पाबंदियों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। इस कदम से वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि ये पाबंदियां चीनी कंपनियों को अन्य देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां करने से रोकती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।
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मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चीन इन पाबंदियों को मान्यता नहीं देता और देश की कंपनियों व संस्थानों को इन्हें लागू करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि चीनी सरकार हमेशा उन एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करती है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी प्राप्त नहीं होती और जो अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित नहीं होते।
एक दिन पहले ही अमेरिका ने एक और चीनी कंपनी पर पाबंदी लगाई थी। अमेरिका का आरोप है कि इस कंपनी ने लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल आयात कर ईरान को अरबों डॉलर की आमदनी पहुंचाई।
हालांकि चीन के बयान में उस कंपनी का नाम उजागर नहीं किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी महीने चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने की संभावना है। ऐसे में यह विवाद दोनों देशों के रिश्तों पर बड़ा असर डाल सकता है।



