सीएए की आधिसूचना जारी;संसदीय लोकतंत्र पर हमला;पवार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना जारी किए जाने को संसदीय लोकतंत्र पर हमला बताया है. साल 2019 में केंद्र सरकार के संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए को संसद में पारित किया गया था. चार साल बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है.
इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी. लेकिन इस कानून में मुसलमान शरणार्थियों को नागरिकता नहीं देने का प्रावधान है शरद पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए इस पर कहा- भारतीय चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की घोषणा करने वाला है और इससे कुछ दिन पहले इस तरह का फ़ैसला संसदीय लोकतंत्र पर हमला है. हम इसकी निंदा करते हैं.



