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सिंधु जल संधि पर रोक (स्थगित) , अधिसूचना जारी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से रोकने का बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब
पाकिस्तान की ओर से इस फैसले पर आपत्ति और धमकी भरे बयान सामने आए, लेकिन भारत ने उन्हें गीदड़ भभकी करार देते हुए स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी ने पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा को पत्र लिखकर यह जानकारी दी।
पत्र में उन्होंने लिखा, सच्ची भावना से किसी संधि का सम्मान करने का उत्तरदायित्व ही उस संधि की बुनियाद होता है, लेकिन पाकिस्तान लगातार भारत के जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देता आ रहा है। इससे सुरक्षा को लेकर गंभीर अनिश्चितताएं उत्पन्न हुई हैं।”
संधि वार्ता में भी नहीं कर रहा सहयोग
मुखर्जी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने संधि के तहत प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने के भारत के अनुरोधों पर भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह खुद ही संधि की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति का निर्णय
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। पहलगाम हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद इसे पाकिस्तान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है।



