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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। उत्तराखंड में भूस्खलन से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात के कारण मलबा गिरने से 64 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अत्यधिक बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले दो दिन मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है और 16 राज्यों को अलर्ट जारी किया है। इसी के तहत अमरनाथ यात्रा पर भी अस्थाई तौर पर रोक लगा दी गई है।
28 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा
अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था शुक्रवार (28 जून) को कश्मीर घाटी पहुंचा था। यह जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच घाटी पहुंचा और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके के नवयुग टनल में 4,603 तीर्थयात्रियों का स्वागत किया था। यह तीर्थयात्रा दो–ट्रैक से शुरू होती है औ 52 दिनों तक चलती है। यात्रा पारंपरिक नुवान–पहलगाम मार्ग और गंदरबल में बालटल मार्ग से होकर जाती है। अमरनाथ यात्रा का समापन 19 अगस्त को होना था, लेकिन फिलहाल अस्थायी रूप से बंद होने की वजह से समापन की तिथि का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
साढ़े तीन लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई थी कि साल 2024 की अमरनाथ यात्रा के लिए 3.50 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। गुफा मंदिर के दोनों मार्गों पर 125 सामुदायिक रसोई (लंगर) बनाए गए हैं. इसके लिए 6,000 से अधिक स्वयंसेवकों से मदद मिल रही है।



