नई दिल्ली। बांग्लादेश में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच पूर्व पीएम शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गईं थीं। उनके दूसरे देश में शरण लेने की बात चल रही है, लेकिन कई देशों ने इनकार कर दिया है। अब कहा जा रहा है कि भारत सरकार शेख हसीना को दिल्ली से जबरन दूसरे देश नहीं भेजेगी। शेख हसीना को तब तक बाहर नहीं भेजा जाएगा, जब तक कि वह किसी सेफ जगह पर जाने का मन नहीं बना लेती हैं। फिलहाल, शेख हसीना गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस पर ही रहेंगी। इस दौरान उन्हें किसी अन्य जगह पर ले जाने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Sheikh Hasina : बांग्लादेश छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया के सामने वर्चुअल रूप से आईं शेख हसीना, कही देश लौटने की बात
- धोखे और स्वांग का चुनाव’: शेख हसीना ने बांग्लादेश आम चुनाव पर उठाए गंभीर सवाल
- बांग्लादेश में राजनीतिक भूचाल: शेख़ हसीना के समर्थन में अवामी लीग का देशव्यापी आंदोलन
- शेख हसीना को मौत की सज़ा पर वैश्विक चिंता: मानवाधिकार संगठनों ने कहा—“निष्पक्ष न्याय पर गंभीर सवाल
- बांग्लादेश में शेख हसीना को मौत की सजा : मोहम्मद यूनुस की प्रतिक्रिया
- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने माना दोषी
बेटे ने कहा-कुछ समय दिल्ली में ही रहेंगी
एक मीडिया हाउस से बातचीत में बांग्लादेश की पूर्व पीएम के बेटे सजीब वाजेद जॉय से जब किसी तीसरे देश से शरण मांगने की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये सभी अफवाहें हैं। उन्होंने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। फिलहाल, वह कुछ और समय के लिए दिल्ली में ही रहेंगी। हालांकि, मेरी बहन सायमा वाजेद उनके साथ हैं। लिहाजा वह अकेली नहीं हैं। हसीना की बेटी सायमा वाजेद विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक हैं, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
ब्रिटेन के इनकार के बाद उलझा मामला
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को ब्रिटेन सरकार की ओर शऱण न दिए जानें पर हसीना की लंदन यात्रा का प्लॉन अधर में लटक गया। हालांकि, उनकी बहन को तो ब्रिटेन में शरण मिल रही है, लेकिन हसीना के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। दरअसल हसीना की छोटी बहन शेख रेहाना ब्रिटेन की नागरिक हैं। उनकी बेटी ट्यूलिप ब्रिटिश सांसद हैं, इसीलिए वह उस देश में शरण लेने के लिए अपील कर सकती हैं।
क्या दूसरे सेफ हाउस की हो रही तलाश?
एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि भारत सरकार शेख हसीना को लंबे समय तक भी शरण दे सकती है। हालांकि, अभी तक भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार 77 वर्षीय अवामी लीग प्रमुख हसीना के लिए एक यूरोपीय देश में शरण सुनिश्चित करने पर काम कर रही है, मगर उनकी यात्रा कुछ ‘दिक्कतें’ आ जाने के कारण अड़चन में फंस गई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक उनके भारत से बाहर जाने की संभावना नहीं है। उन्हें किसी ऐसे सेफ हाउस में रखने की भी तैयारी है जो बड़ा हो और सुरक्षित हो।



