मणिपुर में हिंसा,ड्रोन और आरपीजी का इस्तेमाल
मणिपुर के इम्फाल जिले में हुई हिंसा में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य लोग घायल हुए हैं. हमले में दो पुलिस वाले और एक टीवी पत्रकार भी घायल हुए हैं.मणिपुर पुलिस का दावा है कि हमलावरों ने ड्रोन की मदद से लोगों पर हमला किया है.पुलिस के मुताबिक, गांव पर अचानक हुए हमले से लोग डरे हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स पर हमले की जानकारी दी है. पुलिस ने हमले के पीछे कथित कुकी चरमपंथियों पर संदेह जताया है.
पुलिस ने दावा किया है कि राज्य में हिंसा में अत्याधुनिक ड्रोन और आरपीजी (रॉकेट प्रोपैल्ड गन जो कंधे पर रखकर रॉकेट दागने के काम आती है ) का इस्तेमाल किया गया है. ऐसे हथियारों का प्रयोग आमतौर पर युद्ध के दौरान किया जाता है.
पुलिस के मुताबिक ड्रोन बम का इस्तेमाल आमतौर पर जंग के दौरान किया जाता है. सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के खिलाफ इसका इस्तेमाल एक बड़ा बदलाव है.
पुलिस का कहना है, इस मामले में बेहतरीन ट्रेनिंग, तकनीकी विशेषज्ञता और मदद की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चरमपंथियों ने पहाड़ी से कौट्रुक और पड़ोसी कदंगबंद के निचले इलाकों की तरफ अंधाधुंध गोलीबारी की. इससे कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है.
मणिपुर में डेढ़ साल से चली आ रही हिंसा में कुकी और मैतेई समुदाय एक दूसरे के आमने-सामने हैं.
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