गरबों में गोमूत्र पिलाकर एंट्री दिलाने वर्मा क्या बताएंगे, क्या पूरा हिंदू समाज पीता है गोमूत्र, उनकी भजन संध्याओं में क्या इसी तरह मिलती है एंट्री?

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-हरीश फतेहचंदानी

इंदौर। काफी दिनों के वनवास के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मेहरबानी से इंदौर भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे चिंटू वर्मा इन दिनों चर्चा में हैं। चर्चा का कारण कुछ ऐसा नहीं कि उन्होंने समाज के लिए कोई बड़ा काम कर दिया है। चर्चा सिर्फ एक बयान की हो रही है, जो सिर्फ प्रचार पाने के लिए दिया गया है। वर्मा ने कहा है कि गरबों में गोमूत्र पिलाकर एंट्री दी जाए। क्या वर्मा यह बता पाएंगे कि हिन्दू समाज में कितने लोग गोमूत्र पीते हैं। वे खुद सार्वजनिक मंचों पर कितनी बार इसे पी चुके हैं। वर्माजी यह भी बताने का कष्ट करें कि हर साल आप जो बड़ी भजन संध्या कराते हैं, क्या उसमें प्रवेश की शर्त गोमूत्र ही है?

वर्मा ने हाल ही में यह बयान दिया है कि नवरात्रि में गरबा पंडालों में गैर हिंदू पहचान बदलकर घुस जाते हैं। इसलिए गरबा पंडालों में गरबे करने वाले युवकों को गोमूत्र का आचमन कराएं। हिंदू युवक होंगे तो उन्हें गौमूत्र पीने पर आपत्ति नहीं होगी, लेकिन गैर हिंदू युवक यह नहीं कर पाएंगे और उन्हें रोकना आसान हो जाएगा। वर्मा ने नकली आधार कार्ड भी बन जाते हैं। गरबा पंडालों में आने के लिए गैर हिंदू तिलक भी लगा लेते हैं। इससे लव जेहाद को बढ़ावा मिलता है। वर्मा ने गरबा आयोजकों से अपील करते हुए कहा कि वे पंडालों में आने वाले युवकों को गोमूत्र का आचमन करा कर ही एंट्री दें।

वीडी शर्मा ने कहा-संगठन का विचार नहीं

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा से जब जबलपुर में मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि अपनेअपने विचार होते हैं, लोग क्याक्या कहते रहते हैं। ये कोई संगठन का विचार नहीं है।

कांग्रेस ने कहा-बचकाना बयान

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता संतोष गौतम ने कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष का बयान बचकाना है। हिन्दू होने का सर्टिफिकेट देने का इस तरह से किसी भाजपा जिला अध्यक्ष को अधिकार नहीं है। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने भी कहा कि भाजपा नेता गौशालाओं की दुर्दशा पर चुप हैं। वे केवल ऐसे मुद्दे का राजनीतिकरण करने में रुचि रखते हैं।

उषा ठाकुर ने भी नहीं दिया था ऐसा बयान

उल्लेखनीय है कि इस तरह के बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाली विधायक उषा ठाकुर ने भी चिंटू वर्मा जैसा बयान कभी नहीं दिया था। उन्होंने कहा था कि जब मुस्लिम समाज मूर्ति पूजा नहीं मानता है तो फिर इस समाज के युवक गरबा पांडालों में क्यों आते हैं? वर्मा के बयान को लेकर भाजपा में भी हंसी उड़ रही है। नेता से लेकर कार्यकर्ता तक कह रहे हैं कि चिंटू ने प्रचार पाने का अच्छा रास्ता ढूंढ लिया है।

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