सीतारमण और नड्डा पर एफआईआर;कर्नाटक हाई कोर्ट ने दी राहत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ इलेक्टोरल बॉन्ड्स मामले में दर्ज एफआईआर पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने 22 अक्तूबर तक रोक लगा दी है.

👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई पूरी, अब अंतिम आदेश का इंतजार
- स्कूल में हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यूनिफॉर्म नियम मानना जरूरी
- TMC को कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका, फ्रीज तीन बैंक खातों के इस्तेमाल की नहीं मिली अनुमति
- Sonam Wangchuk की पत्नी गीतांजली को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, सफदरजंग अस्पताल में ही होगा इलाज, मिलने की अनुमति रहेगी
- Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, तीन महीने की जेल की सजा के साथ भरना होगा मोटा जुर्माना
- Sonam Raghuvanshi की जमानत बरकरार, मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका की खारिज
जिन पांच लोगों को इस एफआईआर में नाम है, उनमें से एक हैं कर्नाटक बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नलिन कुमार कतील भी हैं कतील ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका लगाई थी.
ये एफआईआर जनाधिकार संघर्ष परिषद के आदर्श अय्यर ने दर्ज करवाई है.
शिकायत में कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनियों को धमकी दी थी जिसकी वजह से उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे.
एफआईआर केंद्रीय वित्त मंत्री, प्रवर्तन निदेशालय, जेपी नड्डा, कतील और कर्नाटक बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र के खिलाफ दर्ज की गई है.



