संसद में धक्कामुक्की विवाद पर घमासान जारी, थाने तक पहुंचा मामला, कांग्रेस-भाजपा ने की एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत

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नई दिल्ली। संसद में आज कांग्रेस और भाजपा के बीच हुआ धक्कामुक्की विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। दोनों ओर से जहां आरोप-प्रत्यारोप का जोर पूरे दिन चलता रहा, वहीं अब यह मामला थाने तक भी पहुंच गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर घटना की जांच के आदेश देने का भी अनुरोध किया है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को संसद में उस समय हंगामा मच गया जब इंडिया गठबंधन और भाजपा सांसद मकर द्वार के बाहर आमनेसामने हो गए। भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने राहुल गांधी पर एक सांसद को धक्का देकर घायल करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे उनके घुटने में चोट आई। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में हमला और उकसाने की शिकायत दर्ज कराई। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बताया कि हमने मकर द्वार के बाहर हुई घटना का विस्तार से जिक्र किया है, जहां एनडीए सांसद शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और गांधी परिवार को लगता है कि नियम और कानून उनके लिए नहीं बने हैं। उन्होंने सीढ़ियों पर खड़े NDA सांसदों को धक्का दिया और उसमें भाजपा के दो सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए

कांग्रेस ने खड़गे के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया

कांग्रेस ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दी और बीजेपी नेताओं पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। दिग्विजय सिंह, मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी सहित कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने थाने में जाकर शिकायत सौंपी। प्रमोद तिवारी ने पुलिस थाने के बाहर मीडिया से कहा कि 84 वर्षीय दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को धक्का दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। हम इस कृत्य के खिलाफ शिकायत देने आए हैं। कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दावा किया कि बीजेपी के तीन सांसदों ने संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ धक्कामुक्की की। उन्होंने बिरला से आग्रह किया कि इस मामले में वह उचित कार्रवाई करें।

राहुल बोले-अडाणी से ध्यान भटकाने की कोशिश

आज संसद परिसर में हुई धक्कामुक्की पर भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह सारा हंगामा अडाणी केस से ध्यान भटकाने के लिए किया गया। कांग्रेस सांसद शांति से आंबेडकर की प्रतिमा के पास से संसद भवन जा रहे थे, लेकिन भाजपा सांसदों ने लकड़ियां लेकर हमें रोकने की कोशिश की। भाजपा और आरएसएस की सोच संविधान और आंबेडकर के विचारों के खिलाफ है। अमित शाह ने बयान देकर अपना असंवैधानिक मानसिकता जाहिर की है।

राहुल के आरोपों पर शिवराज का पलटवार

संसद में धक्कामुक्की के विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भाजपा पर कई आरोप लगाए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कान्फ्रेंस लेकर राहुल पर पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर सदन के भीतर असभ्यता करने का आरोप लगाया। चौहान ने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर सांसदों के पास गए। वे गुंडे जैसा व्यवहार कर रहे थे। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने के लायक नहीं हैं।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।