👉 यह भी पढ़ें:
- एमपी में अगले पांच साल तक जारी रहेगी लाडली बहना योजना, कैबिनेट की बैठक में कई फैसले
- भोपाल और ग्रेटर नोएडा में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 7 करोड़ की ड्रग जब्त
- भारत में ई-वीजा की सुविधा और बढ़ी, 11 नए प्रवेश द्वार जुड़े; भोपाल और तिरुपति भी सूची में
- Twisha Sharma Case : सास गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज, सुसाइड के लिए बहू को मजबूर करने के हैं आरोप
- ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को वीआईपी ट्रीटमेंट देने पर एक्शन, डिप्टी जेलर को हटाया, दो और पर होगी कार्रवाई
- Raisen-Bhopal National Highway पर बड़ा हादसा, दो बसों की टक्कर में पांच की मौत, 35 यात्री घायल
0:00 left
भोपाल। करोड़पति आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा की जमानत के लिए ईडी कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। सौरभ की वकील की तरफ से तर्क दिया गया कि उसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और न ही उसके पास से कुछ जब्त हुआ है। इसलिए उसे जमानत मिलना चाहिए। कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है, हो सकता है कि गुरुवार को इस पर फैसला सुनाया जाए।
सौरभ के वकील ने कहा कि सोने और कैश से भरी कार से उनका कोई लेना देना नहीं है, जांच एजेंसियों का वह पूरा सहयोग करेंगे। उनके कहीं भी भागकर जाने की भी कोई संभावना नहीं है। इसलिए उन्हें जमानत दिया जाना चाहिए। हालांकि सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। वहीं कोर्ट ने फैसला रिजर्व रख लिया है। गुरुवार को कोर्ट जमानत पर फैसला सुना सकता है। बताया जाता है कि लोकायुक्त कोर्ट में भी गुरुवार को सौरभ की जमानत याचिका पर सुनवाई की जा सकती है।
सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौड़ को ईडी ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तीनों को तीनों को खास निगरानी में रखा गया है। तीनों के बैरक में केवल वही कैदी हैं, जो जेल प्रशासन के सहयोगी हैं। तीनों को जेल में इस तरह से रखा गया है कि, आपस में बातचीत न कर सकें। महज 45 मिनट के लिए दोपहर के समय से तीनों को बैरक से बाहर निकलने की इजाजत होती है। इस दौरान उनकी निगरानी के लिए दो प्रहरी और जेल के विश्वसनीय कैदी रहते हैं।जेल के अंदर भी उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।



