नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आठ बजे राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया पैमाना तय कर दिया है। भारत के खिलाफ आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह कठोर कार्रवाई करेंगे, जहां से आतंकी जड़ें निकलंती हैं। कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। ऐसे ठिकानों पर भारत सटीक प्रहार करेगा। आतंक के सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। अब पाकिस्तान पर कभी बात होगी तो टेरर और पीओके पर ही होगी।
पीएम ने कहा कि बीते दिनों ने देश का सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा। मैं सबसे पहले भारत की पराक्रमी सेनाओं, सुरक्षा बलों, हमारी खुफिया एजेंसियों और हमारे वैज्ञानिकों को हर भारतवासी की तरफ से सैल्यूट करता हूं। वीर सैनिकों की वीरता, साहस और पराक्रम को आज देश की हर माता, बहन, देश की हर बेटी को समर्पित करता हूं। हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान को इस कसौटी पर मांपेंगे कि वह क्या रुख अपनाता है।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई थी उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुटि्टयां मना रहे निर्दोश नागरिकों को धर्म पूछकर उनके परिवार, उनके बच्चों के सामने बेरहमी से मार डाला गया था। यह आतंक का बहुत वीभत्स चेहरा था। देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह पीड़ा बहुत बड़ी थी। सारा राष्ट्र, हर नागरिक, हर समाज, हर वर्ग और हर राजनीतिक दल आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठ खड़ा हुआ।
हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी। आज हर आतंकी और आतंकी संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है? ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं है, यह देश के लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। यह न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की देर रात और 7 मई की सुबह पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है। भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर उनके ट्रेनिंग सेंटर पर सटीक प्रहार किया। आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन, जब देश एकजुट होता है तो नेशन फर्स्ट की भावना से भरा होता है, राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं।
जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला, तो आतंकी संगठनों की इमारतें नहीं बल्कि उनका हौसला भी ढहा। बहावलपुर, मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटी बन चुकी थी। दुनिया में जितने भी बड़े आतंकी हमले हुए हैं, उन सबके तार कहीं न कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं। आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्टर उजाड़ दिए। 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। इस कार्रवाई से पाकिस्तान हताशा में घिर गया था। बौखला गया था। इसी बौखलाहट में एक और दुस्साहस किया। आतंक भारत की कार्रवाई का साथ देने की बजाए पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने हमारे स्कूल, कॉलेज, गुरुद्वारों, मंदिरों, घरों को निशाना बनाया। हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया। दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन, मिसाइलें भारत के समाने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोन, मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तान के एयरबेस को नुकसान पहुंचा, जिस पर पाकिस्तान को घमंड था।
भारत की आक्रमक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बदले के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनिया भर में गुहार लगा रहा था। बुरी तरह पिटने के बाद 10 मई की दोपहर में पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक हम उसे बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया है कि कोई भी आतंकवादी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा तो भारत ने उस पर विचार किया। हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान को इस कसौटी पर मांपेंगे कि वह क्या रुख अपनाता है।


