श्रीनगर। आप सांसद संजय सिंह को श्रीनगर के सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया। वे अपनी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ धरना देने श्रीनगर पहुंचे थे। संजय सिंह ने कहा कि तानाशाही चरम पर है। मैं इस समय श्रीनगर में हूं। लोकतंत्र में हक के लिए आवाज उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।
संजय सिंह ने कहा कि आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस और धरना था, लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है। मुझे और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे इमरान हुसैन और अन्य साथियों को गेस्ट हाउस से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई।
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फारूख अब्दुल्ला मिलने पहुंचे
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला उनसे मिलने पहुंचे। गेट पर ताला लगा था जो संजय सिंह ने गेट पर चढ़कर अब्दुल्ला से बात की। संजय सिंह ने एक्स पर लिखा कि बहुत दुःख की बात है जम्मू कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर फारूख अब्दुल्ला पुलिस द्वारा मुझे हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट हाउस में आए उन्हें मिलने नहीं दिया गया। ये तानाशाही नहीं तो और क्या है?
इस कारण हुई थी मेहराज की गिरफ्तारी
मेहराज मलिक पर अफवाह फैलाने, आतंकियों का महिमामंडन करने, महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह को अपशब्द कहने और सरकारी अस्पताल के कार्य में बाधा डालने के आरोप हैं। उन्हें आठ सितंबर को पीएसए के तहत गिरफ्तार कर कठुआ जिला जेल भेज दिया गया। इसके बाद उनके समर्थकों ने डोडा जिले में कई जगह उग्र प्रदर्शन किए। पुलिस पर पथराव किया। इसमें दो अधिकारियों सहित कम से कम आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस से झड़प में पांच प्रदर्शनकारी भी जख्मी हुए थे।



