अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने ईरान को लेकर बेहद कड़ी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए समझौता नहीं किया, तो उसे भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद जब पत्रकारों ने आलोचना पर सवाल किया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें आलोचकों की कोई परवाह नहीं है।
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जब उनके मानसिक स्वास्थ्य पर उठ रहे सवालों को लेकर पूछा गया, तो ट्रंप ने इसे भी खारिज करते हुए कहा कि अगर ऐसा है, तो देश को उनके जैसे और लोगों की जरूरत है। उन्होंने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने से पहले अमेरिका को व्यापार सहित कई क्षेत्रों में नुकसान हो रहा था, जिसे उन्होंने अपनी सख्त नीतियों से बदला।
हालांकि, उनके इस बयान के बाद विपक्ष और आलोचकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनके पोस्ट को लेकर लोगों ने इसे घृणित और अनुचित बताया। इस बीच ट्रंप ने एक और बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता, तो अमेरिका ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है।उन्होंने संकेत दिया कि अब अमेरिका अपनी पुरानी नीतियों से हटकर युद्ध के बाद संसाधनों पर कब्जा करने की सोच सकता है।
उन्होंने ईरान को आखिरी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय तक कोई डील नहीं होती, तो ईरान में “न पुल बचेंगे, न पावर प्लांट” और देश पाषाण युग में पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि ईरान ने पहले सात दिन का समय मांगा था, लेकिन अमेरिका ने उसे 10 दिन दिए। अब यह अंतिम समयसीमा है और ट्रंप के अनुसार यह बेहद महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें फैसला ईरान को ही करना होगा।



