👉 यह भी पढ़ें:
- US-Iran Tension: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का बड़ा ऐलान! ‘अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं’, युद्ध की तैयारी का दावा
- Iran-US Tension: ट्रंप की खुली धमकी के बाद ईरान का पलटवार, क्या Hormuz Strait और Lebanon Crisis से फिर भड़केगी Middle East War?
- फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिले पीएम मोदी, उठाया नाविकों की सुरक्षा का मामला
- Trump-Iran Nuclear Deal: ट्रंप का सबसे बड़ा दावा! ‘ईरान कभी नहीं बनाएगा परमाणु हथियार’, क्या Middle East में खत्म होने जा रहा है दशकों पुराना संकट?
- Trump का बड़ा दावा: क्या खत्म होने जा रहा है Iran-US War? आज साइन होगी Peace Deal या फिर बढ़ेगा Middle East Crisis?
- Breaking News: ट्रंप का बड़ा दावा! क्या ईरान ने भारतीय जहाजों को बनाया निशाना? अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर उठे नए सवाल
0:00 left
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकी: समर्थन नहीं किया तो देशों पर लगेगा टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख़ को और आक्रामक करते हुए चेतावनी दी है कि जो देश उनकी इस महत्वाकांक्षा का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि अन्य देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं देते, तो वे आर्थिक दबाव बनाने के लिए टैरिफ का सहारा ले सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों को निशाना बनाया जाएगा या किन कानूनी अधिकारों के तहत ऐसे टैरिफ लगाए जाएंगे।
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड की अपनी स्वायत्त सरकार है, लेकिन यह अब भी डेनमार्क के अधीन क्षेत्र माना जाता है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने ही ट्रंप की इस योजना का खुलकर विरोध किया है। इसके अलावा, कई अन्य देशों और अमेरिका के भीतर भी इस संभावित अधिग्रहण को लेकर गंभीर संदेह जताए गए हैं।
इसी बीच, जब ट्रंप यह बयान दे रहे थे, उस समय अमेरिकी कांग्रेस का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड के दौरे पर था। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य ग्रीनलैंड और डेनमार्क को समर्थन का संदेश देना था। प्रतिनिधियों ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन से मुलाकात भी की।
ग्रीनलैंड को लेकर यह विवाद अब केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय राजनीति का नया मोर्चा बनता दिख रहा है।



