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सुरक्षा परिषद से भारत को बाहर रखना संयुक्त सुरक्षा परिषद के हित में नहीं जयशंकर
जापान के दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अगर दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश और संयुक्त राष्ट्र को सबसे अधिक संसाधन देने वाले देशों को ही इससे बाहर रखा जाए, तो यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के हित में नहीं है. भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी विषय पर एस जयशंकर ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की जब स्थापना हुई थी, तब इसमें केवल 50 देश थे. आज इसकी सदस्य संख्या लगभग चार गुना हो गई है. उन्होंने कहा कि ऐसे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार न करना इसके हित में नहीं है. जयशंकर ने कहा कि पहले भी 15 देश ही निर्णय लेते थे और आज भी इसमें इतने ही देश हैं.

जयशंकर ने कहा कि आज अफ्रीका का कोई भी देश यूएनएससी का सदस्य नहीं है. भले एशिया का एक देश इसका सदस्य है, लेकिन पिछले आठ दशक में एशिया का महत्व बहुत बदल गया है. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने के लिए मुहिम चलाने के लिए बनाए गए जी-4 के प्रयासों की भी चर्चा की. इस समूह में भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं.
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