‘नो किंग्स’ की गूंज: ट्रंप की नीतियों और महंगाई के खिलाफ अमेरिका में सड़कों पर उतरे लाखों लोग
अमेरिका में ‘नो किंग्स’ नाम से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें लाखों लोगों ने हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के विरोध में आवाज उठाई।
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देश के बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक यह प्रदर्शन फैल गया, जिसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट—दोनों विचारधाराओं के लोग शामिल हुए। न्यूयॉर्क सिटी में प्रदर्शनकारी मिडटाउन मैनहटन से मार्च करते हुए नजर आए। वे आप्रवासन नीति, ट्रंप प्रशासन और ईरान से जुड़े मुद्दों के खिलाफ तख्तियां लेकर नारे लगा रहे थे।
वहीं सैन फ्रांसिस्को में एम्बारकाडेरो प्लाजा से सिविक सेंटर तक मार्च निकाला गया। यहां लोगों ने अमेरिकी झंडे के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक आंदोलनों—जैसे यूक्रेन समर्थन और ट्रांसजेंडर अधिकार—के पक्ष में बैनर भी लहराए। प्रदर्शन के दौरान गीत, नृत्य और नारों के जरिए लोगों ने अपनी बात रखी।
यह ‘नो किंग्स’ आंदोलन की तीसरी बड़ी लहर मानी जा रही है। इससे पहले भी ऐसे दो बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं, जिनमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इन प्रदर्शनों के पीछे महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दे प्रमुख कारण बने हुए हैं।
हालांकि वेस्ट पाम बीच में ट्रंप समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प हुई, लेकिन कुल मिलाकर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। इन प्रदर्शनों के जरिए आम जनता ने सरकार की नीतियों और आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ अपनी असहमति साफ तौर पर जाहिर की।



