ईरान पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दाम
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Hormuz Strait पर बढ़ा तनाव! ईरान का बड़ा दावा- ओमान के साथ नए समुद्री रूट पर बनी सहमति, अमेरिका की चेतावनी से बढ़ी चिंता
- Saudi Arabia Oil Price Cut: 26 साल की सबसे बड़ी कटौती! क्या भारत में Petrol-Diesel और LPG होंगे सस्ते?
- जंग का असर बाजार पर: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 115 डॉलर के पार पहुंचा भाव
- कौशांबी में भीषण हादसा: हाईटेंशन पोल से टकराकर धू-धू कर जला क्रूड ऑयल टैंकर, NH पर लगा लंबा जाम
- रूस पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत घटाएगा रूसी कच्चे तेल की सीधी खरीद
- रूस से कच्चे तेल और एस-400 डील पर बढ़ी भारत की संभावनाएं
तेल और गैस की आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल आया है।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल बंद है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत में लगभग 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह 108.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। उस समय भी कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर चला गया था।



