👉 यह भी पढ़ें:
- US vs Iran: होर्मुज़ स्ट्रेट हमले के बाद अमेरिका का बड़ा एयर स्ट्राइक, बढ़ा मिडिल ईस्ट तनाव
- PM Modi-Iran President Call: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की अहम बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट और शांति पर बड़ा संदेश
- Iran-US Tension: ओमान के नए Oil Tanker Route से मचा बवाल, मिसाइल हमले से बढ़ा तनाव; ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
- Iran-US Deal पर सुप्रीम लीडर का पहला बड़ा बयान! ‘मेरी राय अलग थी, फिर भी मंजूरी दी’—क्या ईरान में शुरू होने वाला है नया राजनीतिक अध्याय?
- Middle East Crisis: ओमान तट पर जहाज पर हमला, भारत ने अमेरिका को किया तलब! 3 भारतीय अब भी लापता, US ने दिया बड़ा बयान
- Iran vs America: मध्य-पूर्व में भड़की जंग! अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा
0:00 left
मध्य-पूर्व में अमेरिकी ताकत का बड़ा प्रदर्शन: यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड की तैनाती का ट्रंप का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड को मध्य-पूर्व क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया है। इसकी पुष्टि करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह विमानवाहक पोत बहुत जल्द मध्य-पूर्व की ओर रवाना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो इस युद्धपोत की तैनाती अहम भूमिका निभा सकती है।इस विशाल विमानवाहक पोत को कैरेबियन सागर से मध्य-पूर्व की ओर बढ़ने का निर्देश दिया गया है।
ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन “सबसे अच्छी चीज होगी जो हो सकती है।”
ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना का सबसे एडवांस्ड विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड अब यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके टास्क फ़ोर्स के साथ जुड़ जाएगा, जो पिछले महीने के अंत में ही मध्य-पूर्व पहुंच चुका है।
परमाणु रिएक्टर से लैस यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड 75 से अधिक लड़ाकू विमानों को ले जाने में सक्षम है, जिनमें F/A-18 Super Hornet और E-2 Hawkeye जैसे आधुनिक विमान शामिल हैं। इसके अलावा इसमें हवाई यातायात नियंत्रण और नेविगेशन के लिए अत्याधुनिक रडार प्रणाली भी मौजूद है, जो इसे अमेरिकी नौसैनिक शक्ति का सबसे मजबूत प्रतीक बनाती है।



