इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे की पोल खोल दी है, जिसमें उन्होंने संघर्ष विराम कराने का दावा किया था। डार ने एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत ने अमेरिकी मध्यस्थता का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था। इसकी जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुद इशाक डार को दी थी।
उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की मध्यस्थता करने का दावा लगातार करते रहे हैं। भारत ने हर बार ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हुआ और इसमें किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है। इंटरव्यू में इशाक डार से सवाल किया गया कि क्या भारत के साथ कोई बातचीत चल रही है? क्या कोई तीसरा पक्ष इसमें शामिल है? क्या आप तीसरे पक्ष की भागीदारी के लिए तैयार हैं? इस पर इशाक डार ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भारत स्पष्ट रूप से कह रहा है कि यह द्विपक्षीय है, इसलिए हमें द्विपक्षीय बातचीत से कोई आपत्ति नहीं है।
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इशाक डार ने आगे कहा कि जब 10 मई को सेक्रेटरी रुबियो के जरिए संघर्ष विराम का प्रस्ताव मेरे पास आया, तो मुझे बताया गया कि बहुत जल्द ही भारत और न्यूयार्क के बीच एक स्वतंत्र स्थान पर बातचीत होगी। जब 25 जुलाई को वाशिंगटन में सेक्रेटरी रुबियो के साथ हमारी द्विपक्षीय बैठक हुई, तो मैंने उनसे पूछा कि बातचीत का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि भारत का कहना है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है।


