इंदौर। डायमंड कॉलोनी में दो पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के बाद एक बार फिर जेल रिटर्न भूमाफिया दिलीप सिसोदिया उर्फ दीपक मद्दा निशाने पर है। पुलिस के एक्शन के बाद अब प्रशासन ने भी मोर्चा खोल लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर सहकारिता विभाग भी इसकी सारी फाइलें खोलने में जुट गया है।
डाक्यूमेंट गायब करा रहा मद्दा
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए सहकारिता विभाग को दीपक मद्दा से जुड़े सारे मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। डायमंड गृह निर्माण संस्था की डिजॉल्व की प्रक्रिया जारी है, इसके डाक्यूमेंट भी मंगाए जा रहे हैं। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि इस बीच दीपक मद्दा ने सहकारिता विभाग के सारे संपर्क एक्टिव कर दिए हैं और डाक्यूमेंट गायब कराने में जुट गया है।
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संजय कूचनकर मद्दा की मदद में जुटे
सूत्र बताते हैं कि इस मामले में दीपक मद्दा की मदद सहकारिता निरीक्षक संजय कूचनकर कर रहे हैं। वे ही डायमंड सहित अन्य संस्थाओं के डाक्यूमेंट गायब करा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि संजय कूचनकर ही डायमंड गृह निर्माण संस्था के रिसीवर हैं। यह वही कूचनकर हैं जिनका दो बार जबलपुर तबादला हो चुकी है, लेकिन ये आज तक रिलीव नहीं हुए। कूचनकर ने कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था सहित कई अन्य संस्थाओं में जमकर गड़बड़ी की है, लेकिन ये अंगद के पांव की तरह इंदौर में ही जमे हैं।
कलेक्टर ने पुराने मामलों की भी मंगाई रिपोर्ट
कलेक्टर शिवम वर्मा ने सहकारिता विभाग से मद्दा के सारे पुराने मामले क रिपोर्ट भी मंगाई है। वे मामले जिनमें प्रशासन ने एफआईआर कराई थी, उनकी ताजा स्थिति की जानकारी मांगी गई है। कौन-कौन से मामले में चालान पेश नहीं हुआ और क्यों नहीं हुआ यह जानकारी खंगाली जा रही है। इस तरह से प्रशासन दीपक मद्दा की पूरी कुंडली खंगालने में लगा है। संस्था और सदस्यों के हित से जुड़ा मामला होने के कारण कलेक्टर भी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। चूंकि डायमंड संस्था खत्म नहीं हुई है और करोड़ों की टैक्स चोरी हुई है।
कलेक्टर ने कहा- सीधे करें शिकायत
कलेक्टर शिवम वर्मा ने एचबीटीवी न्यूज से बातचीत के दौरान कहा कि इस तरह के मामले में बिल्कुल भी कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर उनके पास भूमाफिया से जुड़ी कोई शिकायत है तो वे सीधे उनसे करें। वे तत्काल कार्रवाई करेंगे।
देवी अहिल्या संस्था वाले भी कर रहे शिकायत
दीपक मद्दा से देवी अहिल्या संस्था के सदस्यगण भी लंबे समय से परेशान हैं। अब इसमें विशाल खंडेलवाल भी मद्दा के साथ है। बताया जाता है कि पहले जिन लोगों की पैसे नहीं जमा कराए थे, प्रशासन ने उनकी रजिस्ट्री निरस्त कर सदस्यों को प्लॉट दिलाए थे। वर्तमान में सहकारिता विभाग देवी अहिल्या संस्था की ऑडिट कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि विशाल खंडेलवाल और दीपक मद्दा मिलकर निरस्त हुई रजिस्ट्री में भी खेल करने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि ऑडिट में पैसा जमा करवाकर कोर्ट के माध्यम से निरस्त रजिस्ट्री वालों को फिर से प्लॉट दिला दिया जाए।
वर्तमान अध्यक्ष ने कहा-किसी का पैसा जमा नहीं हुआ
देवी अहिल्या संस्था के वर्तमान अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने कहा कि आज दिनांक तक निरस्त हए प्लॉटों का एक भी पैसा जमा नहीं है। इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। सहकारिता विभाग वाले ऑडिट कर रहे हैं, जिसकी जानकारी संस्था को नहीं दे रहे और न ही हमसे कुछ पूछा है। पुराने अध्यक्ष ने क्या किया, इसकी जानकारी भी नहीं है।
रहवासी संघ कलेक्टर से करेगा शिकायत
इस मामले में देवी अहिल्या संस्था की कॉलोनियों के रहवासी संघ भी कलेक्टर से मिलकर शिकायत करने जा रहे हैं। रहवासी संघ कलेक्टर से यह कहेंगे कि ऑडिट में किसी तरह का खेला न हो। जिन लोगों के प्लॉट निरस्त हो चुके हैं, उन्हें प्लॉट न मिले। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मिलकर यह मांग करेंगे कि देवी अहिल्या संस्था के जिन मामलों में दीपक मद्दा पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, उसमें चालान पेश किया जाए।
खंडेलवाल का दावा-15 दिन में सब ठीक
सूत्र बताते हैं कि इस मामले में दीपक मद्दा की मदद कर रहे विशाल खंडेलवाल दावा कर रहा है कि सब कुछ 15 दिन में सेटल हो जाएगा। उसका दावा है कि वह पुलिस से लेकर सभी विभागों को मैनेज कर लेगा।
संघवी का कहना है-मद्दा का कोई हिस्सा नहीं था
डायमंड कॉलोनी के मामले में जमीन मालिक प्रतीक संघवी से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। पुलिस जांच में इसमें 45 प्रतिशत की हिस्सेदारी दीपक मद्दा की सामने आई है। सूत्र बताते हैं कि प्रतीक संघवी का दावा है कि इसमें दीपक मद्दा का कोई हिस्सा था ही नहीं।
डायमंड कॉलोनी के हर मामले में मद्दा
सूत्र बताते हैं कि डायमंड से जुड़े पहले जो भी मामले हुए हैं, सबमें दीपक मद्दा शामिल है। चाहे वह बब्बू-छब्बू द्वारा प्लॉट खाली कराए जाने का मामला हो या मोहसिन का, सबमें दीपक मद्दा की भागीदारी रही है।



