Iran Supreme Leader Ali Khamenei Funeral: ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो गई हैं। इस ऐतिहासिक समारोह में भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने अंतिम संस्कार में भाग लेकर भारत सरकार और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा के साथ तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
👉 यह भी पढ़ें:
- Donald Trump on Iran: ‘हमने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए 1 हफ्ते का समय दिया’— ट्रंप के बयान से मचा वैश्विक राजनीतिक बवाल
- Iran-US Talks 2026: डोनाल्ड ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- दोहा में अमेरिका से नहीं होगी कोई बातचीत
- Iran-US Tension: ट्रंप की खुली धमकी के बाद ईरान का पलटवार, क्या Hormuz Strait और Lebanon Crisis से फिर भड़केगी Middle East War?
- Iran vs Israel Crisis: क्या सचमुच बंद हो गया Hormuz Strait? ईरान की चेतावनी से मचा वैश्विक हड़कंप, तेल बाजार में बढ़ा तनाव
- Hormuz Strait Rules Changed: ईरान का बड़ा फैसला! अब बिना परमिट नहीं गुजर पाएंगे जहाज, क्या पड़ेगा तेल की कीमत पर असर
- Iran-US Deal पर बढ़ा तनाव! ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान की खुली चेतावनी – क्या टूटने वाला है ऐतिहासिक समझौता?
वहीं, विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने बिहार के राज्यपाल के साथ मिलकर पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह श्रद्धांजलि भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से दी गई।
तेहरान में आयोजित इस अंतिम संस्कार समारोह में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि और विदेशी मेहमान भी शामिल हुए हैं। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है, भारत की यह कूटनीतिक मौजूदगी दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



