गाजा में मानवीय संकट गहराया: भूख से बेहाल फिलिस्तीनियों ने UN खाद्य ट्रकों को लूटा, भगदड़ में 21 की मौत
गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया कि भूख से पीड़ित
👉 यह भी पढ़ें:
- Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख से पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी, पाक मंत्री की ‘हाथ काट देंगे’ वाली धमकी चर्चा में
- India-Pakistan Tension: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत ने की कड़ी निंदा, UN ने भी जताई नागरिकों की मौत पर चिंता
- Iran-US Tension: ओमान के नए Oil Tanker Route से मचा बवाल, मिसाइल हमले से बढ़ा तनाव; ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
- Maharashtra Political Crisis: 6 सांसदों की बगावत पर Aaditya Thackeray का फूटा गुस्सा, बोले- ‘वफादारी बेच दी’
- Iran vs Israel Crisis: क्या सचमुच बंद हो गया Hormuz Strait? ईरान की चेतावनी से मचा वैश्विक हड़कंप, तेल बाजार में बढ़ा तनाव
- Iran-US Tension: भारतीय जहाज़ों पर हमलों से बढ़ा संकट, ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप
फिलिस्तीनियों ने सहायता लेकर आ रहे दर्जनों खाद्य ट्रकों को जबरन रोका और लूट लिया।
सहायता केंद्र पर भगदड़, 21 की मौत
रेड क्रॉस अस्पताल ने जानकारी दी कि इजराइल और अमेरिका समर्थित सहायता संगठन द्वारा स्थापित वितरण केंद्र पर भगदड़ मचने से 21 लोगों की मौत हो गई और 175 से अधिक घायल हुए।
यह घटना तब हुई जब सैकड़ों जरूरतमंद लोग मदद पाने के लिए केंद्र पर टूट पड़े।
हथियारबंद लोगों ने सहायता ट्रकों को अगवा किया
WFP ने बताया कि 77 सहायता ट्रक गाजा में प्रवेश कर रहे थे, जिनमें अधिकांश ट्रकों में आटा भरा हुआ था। लेकिन, हथियारबंद समूहों ने इन ट्रकों को लूट लिया और इसमें सैकड़ों भूखे फिलिस्तीनी भी शामिल हो गए।
इजराइली नाकाबंदी से गहराया संकट
करीब तीन महीने की इजराइली नाकाबंदी ने गाजा की आम आबादी को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है।
हालांकि हाल ही में इजराइल ने सीमित मात्रा में सहायता सामग्री को अंदर आने की अनुमति दी, लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह नाकाफी है।
बच्चों के लिए हालात बेहद गंभीर
संगठनों ने चेताया है कि खासतौर पर बच्चों के लिए हालात बेहद चिंताजनक हैं। पोषण की भारी कमी और मेडिकल सपोर्ट के अभाव में गाजा के नागरिकों को गंभीर खतरा है।
संघर्ष विराम की कोशिशें जारी
इजराइल -हमास के बीच संघर्षविराम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन जमीनी हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है। भूख और कुपोषण ने अब गाजा में मानवीय त्रासदी का रूप ले लिया है।



