ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय कमर्शियल जहाज़ों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई और इसे “हथियारबंद लूट” तथा “समुद्री डकैती” की नीति का उदाहरण बताया।
बकाई ने मृत भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की मांग की। उनका कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई वैश्विक शांति, सुरक्षा और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा बन रही है।
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बीते चार दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाज़ों पर हमले
एमटी मारिवेक्स
हमले की तारीख: 8 जून
24 भारतीय नाविक सवार थे। बाद में सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। इसकी पुष्टि ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने की थी।
एमटी सेटेबेलो
सबसे गंभीर हमला
हमले की तारीख: 10 जून
24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, जबकि 21 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।
एमटी जलवीर
हमले की तारीख: 11 जून
20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
क्यों बढ़ रही है चिंता?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच लगातार भारतीय जहाज़ों का निशाना बनना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या खाड़ी क्षेत्र अब वैश्विक टकराव का नया केंद्र बनता जा रहा है? और क्या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पहले से अधिक असुरक्षित हो रहे हैं?



