फिलिस्तीन समर्थक एक्टिविस्टों ने दावा किया है कि गाजा के लिए मदद लेकर जा रहे एक बेड़े की 22 नावों को इजराइली बलों ने ग्रीस के क्रीट द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रोक लिया। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला के आयोजकों ने इस कार्रवाई को “डकैती” करार देते हुए कहा कि गाजा से 965 किलोमीटर दूर मौजूद लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया।
गाजा क्षेत्र में इजराइल की ओर से लंबे समय से नौसैनिक नाकाबंदी लागू है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने लगभग 175 एक्टिविस्टों को हिरासत में लेने की पुष्टि करते हुए इस पूरे अभियान को “दिखावटी प्रचार” बताया। विदेश मंत्री गिडियन सार ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में ग्रीस के एक समुद्र तट पर उतारा जाएगा।
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आयोजकों के अनुसार, बेड़े की कुल 58 नावों में से 36 अब भी क्रीट के दक्षिणी तट के पास मौजूद हैं। यह अभियान दो हफ्ते पहले स्पेन, फ़्रांस और इटली से शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य गाजा पर लगी नाकाबंदी को चुनौती देना था।
इस घटना पर पाकिस्तान समेत 11 देशों—पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्राजील, कोलंबिया, जॉर्डन, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और तुर्की—के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर कड़ी निंदा की है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि यह एक शांतिपूर्ण मानवीय पहल थी, जिसका उद्देश्य गाजा में जारी मानवीय संकट की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना था। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नावों को रोकना और एक्टिविस्टों को हिरासत में लेना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया गया।



