खई के पान बनारस वाला…शौक के लिए नहीं, सेहत के लिए भी खा सकते हैं पान

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इंदौर। पान पर आपने गाने तो जरूर सुने होंगे, विशेषकर डॉन फिल्म का-खई के पान बनारस वाला…। आजकल पान का चलन कम होता जा रहा है और शादियों या बड़े फंक्शनों में खाने के बाद जरूर पान पेश किया जाने लगा है। क्या आपको पता है कि पान सिर्फ शौक की वस्तु ही नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी काफी लाभदायक है। ज्यादातर लोग इसे कत्था, चूना, चेरी आदि के साथ माउथ फ्रेशनर के तौर पर खाते हैं। अगर आप भी उन लोगों में से एक है, जिन्हें पान खाने का शौक है, तो आइए जानते हैं पान के पत्ते चबाने के कुछ हैरान करने वाले फायदे

पान के पत्ते में कैल्शियम, विटामिन सी, कैरोटिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, एंटी ऑक्सीडेंट और क्लोरोफिल पाया जाता है, जो सेहत को ढेर सारे फायदे पहुंचाता है। खाना खाने के बाद सौंफ, इलायची और लौंग के साथ पान का पत्ता चबाने से खाना पचाने में मदद मिलती है। साथ ही यह खाने में मौजूद टॉक्सिन को भी ये दूर करता है और बेहतरीन माउथ फ्रेशनर का काम करता है। पान के पत्ते को रात भर के लिए पानी में भिगो कर सुबह उस पानी को पीने से कब्ज दूर होता है और बॉवेल मूवमेंट बेहतर बना रहता है। पानी में लौंग, दालचीनी और पान का पत्ता उबाल कर छान लें। इस पानी को पीने से गले की खराश, सर्दी और ज़ुकाम से राहत मिलती है।

मुंह के दुर्गंध व दांतों की सड़न रोकता है

पान के पत्ते में मौजूद यूजीनॉल शरीर से बैड कॉलेस्ट्रॉल को कम करता है। पान के पत्ते का पेस्ट बना कर स्कैल्प पर लगाने से डैंड्रफ दूर होता है। पान के पत्ते में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो ओरल कैविटी के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ये सांसों की दुर्गंध दूर करने के साथ मुंह में बैक्टीरिया के प्रोडक्शन को भी रोकता है, जिससे दांतों में सड़न नहीं होती है।

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