भाजपा में राजनीतिक प्रदूषण का चरम है कालिख परंपरा

Date:

इंदौर में कल भाजपा के राजनीतिक इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया। पार्टी विथ डिफरेंस और अनुशासन का नारा देने वाली भाजपा में जो कुछ भी हुआ उसके दूरगामी परिणाम निकलने वाले हैं। यह साफ संकेत है कि भाजपा भी अब कांग्रेस से अलग नहीं रही। इसीलिए इसके नेताओं को अब हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।

भाजपा में नियुक्तियों को लेकर पहले भी विरोध हुए हैं, लेकिन इतनी हिम्मत किसी की नहीं हुई कि वह भाजपा कार्यालय की दहलीज चढ़ जाए। और तो और पोस्टर से लेकर नेमप्लेट तक कालिख पोत जाए। भाजपा कार्यालय के बाहर कभी अपने ही नगर अध्यक्ष का पुतला जलाते भी किसी ने शायद ही देखा हो।

इस काले कांड के बाद देर शाम ढोल-ढमाकों के साथ नवनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा जश्न मनाकर यह जताने की कोशिश की गई कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं। कार्यकर्ताओं के कंधे पर बैठकर हार और पगड़ी पहनते सुमित मिश्रा भी यह जताने की कोशिश करते रहे कि सब चंगा सी। प्रदेश नेतृत्व भी इस मामले में चुप्पी साधकर बैठा रहा। किसी जिम्मेदार नेता का बयान तक सामने नहीं आया।

यह भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। जो कुछ भी हुआ सब कैमरे में रिकॉर्ड है। देश-प्रदेश की मीडिया भी सबके चेहरे दिखा चुकी है। सोशल मीडिया पर लोग पूरे वीडियो देख चुके हैं, फिर आप इस पर चुप्पी साधकर क्या जताने की कोशिश कर रहे हैं?

आपकी चुप्पी यह बता रही है कि आपने भी मान लिया है कि अब आपके सिद्धांत, अनुशासन और नियम-कायदों में मिलावट हो चुकी है। कांग्रेस को कोसते-कोसते आप कांग्रेस की संस्कृति स्वीकार कर चुके हैं।

आपकी चुप्पी या ढोल-ढमाके वाले जश्न से इस घटना का पटाक्षेप नहीं होने वाला। कल किसी ने हिम्मत की, आगे कोई और दिखाएगा।

सच तो यह है कि आपका चुनाव चिह्न और झंडा वही है, लेकिन चाल-चरित्र और चेहरा बदलता जा रहा है।

अब तैयार रहिए और राह चलते समय सावधान भी रहिए। पता नहीं किसी कोने से कब कोई जूता बरस जाए या फिर कोई आपके चेहरे को कालिख या स्याही से पोत जाए।

और हां…मुर्दाबाद के नारे के लिए भी तैयार रहिए…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

मध्यप्रदेश में कहीं फेल न हो जाए राहुल गांधी का ‘नटराजन दांव’, अंतिम समय भाजपा कर सकती ‘खेला’

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। भाजपा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने आज यानी शनिवार को नामांकन भी दाखिल कर लिया है। इधर, कांग्रेस ने राहुल गांधी की पसंद मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया, जिसको लेकर पार्टी में जमकर विरोध है।