नई दिल्ली। केंद्र सरकार के संचार साथी एप पर सियासत गरमा गई है। सरकार ने हर मोबाइल में इस एप को लेकर निर्देश दिए थे। इसके बाद से कांग्रेस, सपा सहित कई विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस एप को जासूसी वाला एप कहा है। इसके बाद सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी निशाना साधा। अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाब देते हुए कहा है कि जो चाहे इस्तेमाल करे जो न चाहे डिलीट कर दे।
दरअसल पूरा विवाद उस निर्देश को लेकर शुरू हुआ जिसमें भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने मोबाइल हैंडसेट की असलियत जांचने के लिए फोन में संचार साथी एप पहले से इंस्टॉल करने को कहा है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह एक जासूसी एप है। मैं यही कहना चाहती हूं कि अब वे और क्या जानना चाहते हैं? नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। सभी को प्राइवेसी का अधिकार है कि हम बिना सरकार की निगरानी के अपने मैसेज को परिवार और दोस्तों को भेजें। यह सामान्य बात है। सरकार हर तरह से देश को तानाशाही में बदलने की कोशिश कर रही है। भारत का हर नागरिक अपने फोन पर क्या कर रहा है? इस तरह से काम नहीं करना चाहिए। फ्रॉड की रिपोर्ट करने के लिए एक असरदार सिस्टम होना चाहिए।
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वेणुगोपाल ने कही निजता के अधिकार की बात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दूरसंचार विभाग का यह निर्देश असंवैधानिक है। उन्होंने ‘एक्स‘ पर दूरसंचार विभाग के निर्देश को शेयर करते हुए लिखा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने लिखा कि एक प्री–लोडेड सरकारी एप, जिसे हटाया नहीं जा सकता. हर भारतीय पर नजर रखने का एक उपकरण है। यह प्रत्येक नागरिक की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का एक जरिया है।
सिंधिया ने कहा-लोगों की सहूलियत के लिए है
कांग्रेस का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह एप लोगों की सहूलियत के लिए है। जब फ्रॉड होता है तब विपक्ष सवाल खड़े करता है और जब कोई रास्ता निकाला गया है तब भी विरोध किया जा रहा है। आखिर में उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चाहते हैं इसे यूज करें और जो नहीं चाहते वे इसे डिलीट कर दें।
अखिलेश यादव ने लिखा- बीजेपी जाए तो निजता बच पाए
सपा चीफ और सांसद अखिलेश यादव ने संचार साथी एप को लेकर भाजपा पर कई आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा कि बीजेपी जाए तो निजता बच पाए।अखिलेश ने लिखा कि जिनका इतिहास ही मुख़बिरी का रहा हो वो जासूसी करना कैसे छोड़ सकते हैं। भाजपा सरकार में अभिव्यक्ति की आज़ादी तो पहले ही छिनी जा रही थी अब घर–परिवार, नाते–रिश्तेदार, मित्रता–कारोबार की आपसी बातचीत पर भी भाजपाइयों और उनके संगी–साथियों की गिद्ध निगाह लग जाएगी। अब जनता ने फ़ैसला कर लिया है भाजपा सरकार नहीं चाहिए, तो नहीं चाहिए।


