लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा, फिर लगाया वोट चोरी का आरोप, अलग-अलग दिन चुनाव पर भी उठाए सवाल

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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रेस कान्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए वोट चोरी का आरोप लगाते हुए अलग-अलग दिन चुनाव कराने पर भी सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि पहले इलेक्ट्रोनिक मशीनें नहीं थीं, फिर भी एक दिन में पूरे देश में चुनाव हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है।

राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में हर पार्टी को सत्ता विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन पता नहीं क्या वजह है कि बीजेपी पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता और वह ऐसी इकलौती पार्टी भी है। राहुल ने इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल कुछ और दिखाते हैं। जैसा कि हरियाणा और मध्य प्रदेश के चुनावों में देखा गया और फिर अचानक रिजल्ट कुछ और ही जाता है। इसमें बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है। राहुल ने कहा कि हमारा सर्वे भी काफी मजबूत रहता है, लेकिन उसका नतीजा भी अलग ही दिखता है। सर्वे में जो भी दिखता है, रिजल्ट उसके विपरीत जाता है।

महाराष्ट्र में 40 लाख वोट जोड़े

राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र में 40 लाख वोट रहस्यमयी तरीके से जोड़े गए हैं। राहुल गांधी का आरोप है लोकसभा चुनाव 2024 और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के बीच इन मतदाताओं को जोड़ा गया है। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और कुछ अन्य जगहों की मतदाता सूची के आधार पर चौंकाने वाले दावे किए हैं। मतदाता सूची में जोड़े गए हजारोंलाखों नाम का उल्लेख करते हुए राहुल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए वोट की चोरी की जा रही है।

भाजपा के लिए वोटों की हो रही चोरी

राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से जुटाए गए सबूतों का जिक्र करते हुए कहा कि वोटों की चोरी भाजपा के लिए की जा रही है। मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने सवाल किया कि आयोग इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दे रहा है। राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 6.5 लाख वोटों में से 1 लाख से अधिक वोटों कीवोट चोरीहुई। कांग्रेस के शोध में कर्नाटक के महादेवपुरा निर्वाचन क्षेत्र में एक लाख से अधिक फर्जी मतदाता, अवैध पते और बड़ी संख्या में मतदाता (बल्क वोटर्स) पाए गए। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वोटों की धांधली के मामले में चुनाव आयोग से सवाल पूछे हैं, लेकिन आयोग ने एक भी जवाब नहीं दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि हमें वोटों की चोरी पकड़ने में छह महीने का वक्त लगा है।

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इंदौर। सिनेमाघरों में आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म भूत बंगला ने दस्तक दी, वहीं हॉलीवुड की हॉरर-साइकोलॉजिकल थ्रिलर  ’द ममी’ भी रिलीज हो रही है। इन दोनों भूतों ने आज से सिनेमाघरों पर कब्जा जमा लिया है। डर के साथ हंसी का भी तड़का लगा रही भूत बंगला इस फिल्म से सबसे सफल और लोकप्रिय निर्देशक-अभिनेता जोड़ी प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की वापसी हुई है, इसलिए प्रशंसक इस जोड़ी को एक बार फिर हॉरर-कॉमेडी शैली में कमाल करते देखने के लिए उत्साहित हैं। फिल्म दुनिया भर में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों की शुरुआती प्रतिक्रिया अच्छी है। जैसा कि नाम से पता चलता है, भूत बंगला की कहानी एक सुनसान घर के इर्द-गिर्द घूमती है जो बुराई और भय का केंद्र बन जाता है। बॉलीवुड हॉरर फिल्मों में भूतिया घर हमेशा से एक महत्वपूर्ण विषय रहा है, लेकिन यह फिल्म हर फ्रेम में डरावने दृश्यों के साथ-साथ हास्य का भी तड़का लगाती है। फिल्म देखने में मजेदार है। अक्षय, राजपाल यादव और परेश रावल के बीच के दृश्य बेहतरीन ढंग से फिल्माए गए हैं। फिल्म का पहला भाग बेहद मजेदार है, लेकिन दूसरे भाग में इसकी लय बिगड़ जाती है। तकनीकी रूप से फिल्म काफी कमजोर है और कुछ जगहों पर इसकी छायांकन और संवाद प्रस्तुति में भी कमी है। भारतीय हॉरर कहानियों में महिला भूत मुख्य विषय रहे हैं। कहानी का विचार प्रचलित है और हमने हिंदी सिनेमा में ऐसी कई हॉरर कहानियां पहले भी देखी हैं, लेकिन इसका प्रस्तुतीकरण नया है और अक्षय अपने दमदार कॉमेडी अंदाज से अपने प्रशंसकों को खुश करते हैं। यह एक बार देखने लायक अच्छी फिल्म है, बस इससे कुछ असाधारण और अनोखा होने की उम्मीद न करें, क्योंकि यह विशुद्ध मनोरंजन है। बेहद डरावनी और खौफनाक है द ममी यह एक हॉरर, मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसे आयरिश निर्देशक ली क्रोनिन ने निर्देशित किया है, जिन्होंने इससे पहले इसी शैली में "द होल इन द ग्राउंड" और "ईविल डेड राइज़" जैसी फिल्में निर्देशित की हैं। संक्षेप में, द ममी को द एक्सोरसिस्ट और हेरेडिटरी फिल्मों का मिश्रण कहा जा सकता है। इसकी कथा शैली प्रभावशाली है, इसमें पर्याप्त स्टाइल और डरावने दृश्य हैं। फिल्म में जैक रेनर, लाइया कोस्टा, नताली ग्रेस और मे कैलामावी जैसे कलाकार हैं। कहानी तीन बच्चों और माता-पिता के एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने एक प्राचीन कलाकृति को संभाल कर रखा है जिसमें बुरी आत्माएं निवास करती हैं। इस कलाकृति को नष्ट करना जरूरी है, इससे पहले कि वह बाहर निकलकर परिवार को नुकसान पहुंचाए। फिल्म डरावनी और खौफनाक है, लेकिन इस शैली के प्रशंसकों को इसे जरूर देखना चाहिए।