नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए राम के नाम पर वोट लिए गए, लेकिन राम के नाम को बदनाम किया जा रहा है। हाल ही में केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ी बातें सामने आई हैं, जहां दान की रकम भी चोरी की गई।
जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की अनियमितताएं क्यों सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य मंदिर ट्रस्टों का हिस्सा हैं। उन्होंने पूछा कि भाजपा शासित राज्यों में यह चोरी क्यों हो रही है? क्योंकि इस ट्रस्ट में भाजपा और आरएसएस के सदस्य हैं। क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इन लोगों के बारे में जानकारी नहीं थी?
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सीजेआई को लिखे पत्र का किया जिक्र
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। विपक्षी दलों ने पत्र में चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आयोग की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है। जयराम रमेश ने ‘वोटों और सीटों की चोरी’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास बुरी तरह से कम हो गया है।
चुनाव कराने को लेकर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि लोगों का मानना है कि चुनाव परिणाम पहले से तय होते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमारा संविधान और हमारी चुनावी प्रणाली खतरे में है। अगर चुनाव परिणाम पहले से ही निर्धारित हैं, तो चुनाव कराने का क्या मतलब है?’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि ज्ञानेश कुमार पाखंड की बीमारी से ग्रस्त हैं। पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा में उनका आचरण यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन करता है।



