नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी की अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति के लिए इसे एक गंभीर झटका बताते हुए कहा कि स्वघोषित विश्वगुरु पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।
जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि पूरी दुनिया पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का सावधानी से स्वागत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के शीर्ष नेतृत्व की लक्षित हत्याओं से शुरू हुआ था, जो प्रधानमंत्री मोदी की इस्राइल की बहुप्रचारित यात्रा के ठीक दो दिन बाद हुआ था।
पीएम मोदी की कूटनीति को करारा झटका
जयराम रमेश सोशल मीडिया पर लिखा युद्धविराम कराने में पाकिस्तान की भूमिका प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति के सार और शैली दोनों को करारा झटका है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को अलग-थलग करने और विश्व को यह भरोसा दिलाने की नीति कि वह एक विफल राष्ट्र है, स्पष्ट रूप से सफल नहीं हुई है। जैसा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने मुंबई आतंकी हमलों के बाद हासिल किया था।
कांग्रेस नेता ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उठाए
जयराम रमेश ने लिखा कि उन्होंने (पीएम मोदी) या उनकी टीम ने यह भी कभी नहीं बताया कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया गया, जिसकी पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री ने की थी और जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने तब से लगभग सौ बार श्रेय लिया है। कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री और सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को दलाल बताकर खारिज कर दिया, लेकिन अब ‘स्वघोषित विश्वगुरु’ पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं, उनका खुद का घोषित 56 इंच का सीना सिकुड़ गया है। सांसद का आरोप है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत के खिलाफ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है, फिर भी प्रधानमंत्री चुप हैं।


