नई दिल्ली। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनि मत से खारिज हुआ। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनके आरोपों का जवाब दिया। शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिल रहा और उनकी आवाज दबाई जा रही है। जब बोलने का मौका आता है, तब आप जर्मनी या इंग्लैंड में दिखते हैं, और फिर शिकायत करते हैं।
चीन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए शाह ने कहा कि डोकलाम के समय जब हमारी और चीन की सेना आमने–सामने थी तो विपक्ष के नेता चीन के दूतावास में गुप्त मीटिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इनके रक्षा मंत्री ने देश की संसद में कहा कि सीमा पर सड़क बनाएंगे तो दुश्मन अंदर आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के समय अक्साई चीन को हड़पा गया। तब नेहरू जी ने जवाब दिया वहां घास का तिनका भी नहीं उगता। 2005-06 में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से एक करोड़ 35 लाख का दान मिला। इनका एफसीआरए का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कांग्रेस ने एमओयू किया, वह घोषित करें कि क्या था।
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कांग्रेस को मिला है भाजपा से ज्यादा मौका
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मैं बताना चाहता हूं कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी को 157 घंटे और 55 मिनट का समय दिया गया, जबकि उनके 52 सदस्य थे। इसकी तुलना में भाजपा को 349 घंटे और 8 मिनट दिए गए, जबकि हमारी सदस्य संख्या 303 थी। 18वीं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी द्वारा कल तक 71 घंटे बोला गया, जबकि उनके पास 99 सदस्य हैं, जबकि भाजपा को 122 घंटे मिले हैं, जबकि हमारे 239 सदस्य हैं। इसमें भी कांग्रेस पार्टी को भाजपा से दोगुना समय मिला, लेकिन ये कहते हैं कि हमें बोलने का मौका नहीं दिया गया।



