भोपाल। दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पिछली बार इस सीट से हारे प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तो यहां प्रचार भी शुरू कर दिया था, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा नहीं जताया। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा में अब चर्चा है कि मध्यप्रदेश क राजनीति से नरोत्तम मिश्रा की कहानी लगभग खत्म हो चुक है।
भाजपा ने नए चेहरे पर लगाया दांव
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने अनुभवी नेता और संगठन से जुड़े आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। तिवारी शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान ग्वालियर क्षेत्र के संगठन मंत्री रह चुके हैं और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
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संघ के करीबी माने जाते हैं तिवारी
तिवारी को आरएसएस के करीबी नेताओं में माना जाता है। मूल रूप से वे दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से संघ व संगठन में सक्रिय रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने एक ब्राह्मण चेहरे की जगह दूसरे ब्राह्मण चेहरे पर भरोसा जताया है। इससे पार्टी ने जातीय समीकरण में बड़ा बदलाव नहीं किया, लेकिन नेतृत्व के स्तर पर नया विकल्प जरूर सामने रखा है।
राजेंद्र भारती की सदस्यता निलंबित होने से चुनाव
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर राजेंद्र भारती की सदस्यता निलंबित किए जाने के बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को हराया था।
युवा रणनीतिकार माने जाते हैं तिवारी
आशुतोष तिवारी बीजेपी के युवा रणनीतिकार माने जाते हैं। वे भाजपा के मध्य प्रदेश संगठन के सक्रिय और प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल हैं। संगठन को मजबूत करने की पहल में उनका भी अहम योगदान माना जाता है। जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और विभिन्न अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और को-ऑर्डिनेट करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें भाजपा में प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।
2018 में ही काफी कम वोट से जीते थे मिश्रा
दतिया विधानसभा सीट के पिछले चुनावों का परिणाम बताता है कि 2018 में ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा के लिए खतरे की घंटी बज चुकी थी। नरोत्तम उस चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती को महज 2,656 वोट से हरा पाए थे। पांच साल बाद 2023 में यही मुकाबला पलट गया और राजेंद्र भारती ने 7,742 वोटों से नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया।
लगातार खराब आ रहा था फीडबैक
भाजपा के सूत्र बताते हैं कि नरोत्तम मिश्रा को लेकर दतिया विधानसभा से लगातार खराब फीड बैक आ रहा था। इसके बाद से ही आलाकमान ने नए उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी थी। हालांकि मिश्रा पूरी तरह आश्वस्त थे,, इसीलिए पिछले काफी समय से विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय भी हो गए थे।
6 चुनाव जीत चुके हैं नरोत्तम मिश्रा
भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मूल रूप से डबरा के रहने वाले हैं। 1990, 1998 और 2003 में वे तीन बार इस सीट से चुनाव भी जीत चुके हैं। 2008 में डबरा सीट आरक्षित हो गई थी। इसके बाद नरोत्तम ने दतिया से चुनाव लड़ा और 2008, 2013 और 2018 में लगातार तीन बार जीते। साल 2023 में वे कांग्रेस के राजेंद्र भारती से चुनाव हार गए थे।



