कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे संघ की शाखाओं पर लगाना चाहते हैं बैन, सीएम को लिखी चिट्ठी

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के सौ साल मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी डाक टिकट और सिक्का जारी कर चुके हैं, वहीं कर्नाटक में संघ की शाखाओं पर बैन लगाने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने सीएम को एक पत्र लिखकर बैन लगाने की मांग की है। प्रियांक खड़गे के पत्र के बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने को कहा है।

प्रियांक ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों, सार्वजनिक पार्कों, खेल के मैदानों, सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों और पुरातात्विक स्थलों पर आरएसएस की शाखाओं, बैठकों या सभाओं सहित गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन अपनी गतिविधियों के माध्यम से नफरत के बीज बो रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ता पुलिस से अनुमति लिए बिना सार्वजनिक स्थानों पर अपनी लाठियां प्रदर्शित कर रहे हैं।

प्रियांक खडगे ने कहा कि मैंने सीएम से अनुरोध किया है कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में आरएसएस की गतिविधियों की अनुमति न दी जाए। आरएसएस की गतिविधियां युवाओं का ब्रेनवॉश करती हैं, जो देश या समाज के लिए अच्छा नहीं है। मैंने सीएम को पत्र लिखकर कहा है कि वे आरएसएस की गतिविधियों या उनकी ‘बैठकों’ की अनुमति न दें, यहां तक कि पुरातात्विक मंदिरों या सरकारी मंदिरों में भी नहीं। उन्हें निजी घरों में ऐसा करने दें। हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन आप सरकारी मैदानों का इस्तेमाल उनके सामूहिक ब्रेनवॉश के लिए नहीं कर सकते।

भाजपा ने जताया विरोध

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि यह कदम संघ की बढ़ती लोकप्रियता के प्रति कांग्रेस में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा अनुशासनहीनता का एक भी उदाहरण नहीं दिखा। उन्होंने आगे कहा कि संघ एक दृढ़ राष्ट्रवादी ताकत बना हुआ है, लेकिन कांग्रेस इस संगठन को पूर्वाग्रही नज़रों से देख रही है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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