भाजपा नगर कार्यकारिणी के नामों पर विवाद के बीच कल फिर आएंगे पर्यवेक्षक, अब बंद लिफाफे में सौंपे जाएंगे नाम

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इंदौर। भाजपा की नगर कार्यकारिणी का गठन होना है। इस बीच सारे नामों का खुलासा हो गया है। इसको लेकर भोपाल तक शिकायत पहुंचने के बाद यह तय हुआ है कि दोनों पर्यवेक्षक विवेक जोशी और आशुतोष तिवारी कल सुबह 11 बजे फिर इंदौर आएंगे। सारे विधायकों और नेताओं से कहा गया है कि बंद लिफाफे में अपने नाम पर्यवेक्षकों को सौंपें।

उल्लेखनीय है कि जब पिछली बार दोनों पर्यवेक्षक इंदौर आए थे तो सारे विधायकों व नेताओं ने अपने नाम सौंपे थे, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा शामिल थे। सारे नाम भी सार्वजनिक हो गए। कई विधायकों ने भोपाल तक यह बात पहुंचाई कि नगर अध्यक्ष की उपस्थिति के कारण वे अपनी बात कह नहीं पाए। इसके बाद फिर से यह प्रक्रिया दोहराने का फैसला लिया गया।

16 पुरुष पदों के लिए 90 नाम

नगर कार्यकारिणी में तीन महामंत्री, आठ उपाध्यक्ष और आठ मंत्री के अलावा आठ महिलाएं भी चाहिए। इस तरह देखें तो मोटे तौर पर पुरुषों के लिए 16 पद ही बचते हैं, लेकिन अब तक नेताओं ने करीब 90 नाम दे दिए हैं। सबसे ज्यादा नाम महामंत्री के लिए दिए गए हैं।

हर विधायक को चाहिए महामंत्री

सबसे ज्यादा खींचतान महामंत्री को लेकर ही चल रही है। एक नंबर विधानसभा से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भूपेंद्र केसरी का नाम दिया है। दो नंबर से रमेश मेंदोला ने सुधीर कोले का नाम दिया है। तीन नंबर विधानसभा से गोलू शुक्ला के अड़ने के बाद भी महामंत्री बनाना संभव नहीं, क्योंकि नगर अध्यक्ष मिश्रा खुद उसी विधानसभा से आते हैं। हालांकि सुमित मिश्रा कोई न कोई पेंच फंसाकर तीन नंबर से उपाध्यक्ष या मंत्री का पद दे ही देंगे।

बाकी बचे नेताओं का चार नंबर पर जोर

सबसे ज्यादा परेशानी चार नंबर विधानसभा में है। क्योंकि, एक नंबर विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय के आगे किसी की चलती नहीं है। दो नंबर का भी यही हाल है। तीन नंबर में नगर अध्यक्ष और गोलू शुक्ला ही काफी हैं। पांच नंबर में चूंकि विधायक महेंद्र हार्डिया, सुमित मिश्रा को अध्यक्ष के लिए समर्थन दे चुके हैं, नगर अध्यक्ष यह एहसान चुकाना चाहते हैं। छह नंबर में भी मधु वर्मा और जीतू जिराती के बीच टसल है। इस कारण हर नेता की नजर चार नंबर पर है।

मालिनी, भार्गव, लालवानी और ताई के बीच टसल

चार नंबर विधानसभा में विधायक मालिनी गौड़, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सांसद शंकर लालवानी के बीच टसल है। मालिनी गौड़ ने वीरेंद्र शेंडके का नाम दिया है, वहीं शंकर लालवानी ने विशाल गिडवानी का नाम दिया है जो फिलहाल सांसद प्रतिनिधि हैं और उनकी माताजी पार्षद हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भरत पारीक का नाम दिया है, जो उनके प्रतिनिधि भी हैं। इसी तरह सुमित्रा महाजन ने चार नंबर से सुधीर देड़गे का नाम दिया है।

अगर मालिनी की नहीं चली तो बिगड़ेगी बात

भाजपा के सूत्र बताते हैं कि इस बार चार नंबर वालों ने ठान रखा है कि अगर उनकी नहीं चली तो हार नहीं मानेंगे। कहा तो यह भी जा रहा है कि कई इस्तीफे भी हो सकते हैं। चार नंबर वाले इसलिए भी नाराज हैं कि नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से उनके विरोधियों को मिलवा दिया था। सबको पता है कि फिलहाल संगठन पर दो नंबर वालों का कब्जा है, ऐसे में चार नंबर का विवाद बढ़ सकता है।

मधु वर्मा और जिराती में खींचतान

पांच नंबर विधानसभा से महेंंद्र हार्डिया ने वासुदेव पाटीदार का नाम दिया है और सुमित मिश्रा इस बार उनकी बात को नहीं टालेंगे। मधु वर्मा ने छह नंबर से गौतम शर्मा का नाम दिया है, जबकि जीतू जिराती अपने खास समर्थक नीलेश चौधरी को महामंत्री बनाना चाहते हैं। सांवेर से तुलसी पहलवान ने भी ताल ठोक दिया है, वे पप्पू शर्मा के लिए अड़े हुए हैं।

कोषाध्यक्ष और कार्यालय मंत्री मिश्रा के

सुमित मिश्रा चाहते हैं कि गुलाब ठाकुर को ही कोषाध्यक्ष बनाया जाए, लेकिन यह तब संभव है जब इंदौर विकास प्राधिकरण के लिए उनका नाम न जाए। अगर ठाकुर का नाम आईडीए के लिए जाता है तो मिश्रा की कोशिश होगी कि जवाहर मंगवानी को कोषाध्यक्ष बना दें। कार्यालय मंत्री के लिए विशाल यादव तय हैं, जबकि मीडिया प्रभारी के रूप में कोई नया नाम देकर सुमित मिश्रा चौंका सकते हैं।

सबको मीठी गोली बांटने में कहीं फंस न जाएं मिश्रा

भाजपा में यह चर्चा आम है कि नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सबको मीठी गोली बांट रहे हैं। सुमित मिश्रा नगर अध्यक्ष बनने के बाद किसी को नाराज नहीं करना चाहते। वे सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें भी पता है कि ऐसा संभव नहीं। इसलिए भाजपा में ही चर्चा है कि कहीं सुमित मिश्रा अपने ही बनाए चक्रव्यूह में कहीं फंस न जाएं।

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