भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है। विभाग के अनुसार इस अनुमान में चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना है, यानी मानसून 22 मई से 30 मई के बीच कभी भी केरल में प्रवेश कर सकता है।
सामान्य तौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके लगभग छह दिन पहले आने के संकेत मिल रहे हैं।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति बनने से मानसून कमजोर पड़ सकता है। इसके कारण देश में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई जा रही है।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार इस वर्ष मानसूनी वर्षा सामान्य से छह प्रतिशत कम रह सकती है। जून से सितंबर तक के चार महीनों में देश में औसत सामान्य वर्षा 868.6 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि एजेंसी ने इस बार केवल 94 प्रतिशत वर्षा का अनुमान लगाया है।
अल-नीनो ऐसी मौसमी स्थिति है, जिसमें दक्षिणी अमेरिका के तटीय क्षेत्रों के पास प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ जाता है। इससे मौसम का सामान्य चक्र प्रभावित होता है और दुनिया के कई हिस्सों में सूखा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। भारत में भी इसका असर मानसून पर पड़ता है और वर्षा कमजोर हो सकती है।


