वाराणसी। वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया में आंबेडकर का झंडा और पोस्टर उतारने को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी जमकर बवाल हुआ। दो संगठन आपस में भिड़ गए और जमकर पत्थरबाजी हुई। इसमें एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना का सिर फट गया। पत्थरबाजी में एक दरोगा समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव स्थित भैरव बटुक धाम जाने वाले गेट पर कुछ लोगों ने आंबेडकर का झंडा लगाया था। आरोप है कि बाद में कुछ अराजकतत्वों ने झंडे को फाड़कर जला दिया। इसकी सूचना मिलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई, जब हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल गरमा गया और विवाद बढ़ने लगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
आज शुक्रवार को फिर दोनों पक्ष आमने- सामने आ गए। शुक्रवार को दोपहर में साढ़े 12 बजे आक्रोशित लोगों ने बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पुलिस टीम पहुंचीं। लोगों को समझाने की कोशिश की तो आक्रोशित युवाओं ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जब पुलिस ने लाठियां फटकारी तो प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना का सिर फट गया, जबकि चोलापुर थाने के एक दरोगा सहित दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। मौके पर अब चार आईपीएस, 2 एसीपी समेत 300 से अधिक पुलिस कर्मी पहुंच गए हैं।


