लखनऊ। यूपी में रविवार को योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। इसमें कई नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। सपा चीफ अखिलेश यादव ने इस पर निशाना साधते हुए कहा कि समय बिताने के लिए करना है कुछ काम।
अखिलेश यादव ने कहा कि वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ पढ़ी जाएगी। बीजेपी राज में वैसे भी सीएम का मतलब बस Courier-Messenger यही रह गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि वैसे जनता पूछ रही है कि फिल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर? जनता का अनुरोध है कि फिल्म ध्यान से देखिएगा। हो सकता है ‘कर्मफल-कंसफल’ का सिद्धांत समझकर कुछ जागरण हो जाए और कुछ अच्छा बदलाव भी हो जाए।
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उन्होंने आगे कहा कि हम तो यही मानते हैं कि मूल रूप से व्यक्ति नहीं उसका ‘लालच-लोभ’ ही बुरा होता है, जो धीरे-धीरे उसका दुराचरण बन जाता है। बुराई इंसान को और बुरा बनाती जाती है। इसके विपरीत ये भी सच है कि जब व्यक्ति ‘स्वार्थ’ को छोड़कर ‘परमार्थ’ के मार्ग पर चल निकलता है तो सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है, वो मानवता के लिए सार्थक साबित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अपने अंदर की सौ बुराइयों के ऊपर चंद अच्छाइयां जीत हासिल कर सकती हैं, यही महाकाव्यों का गहरा आंतरिक संदेश है। अपनी गलतियों और दुर्भावनाओं के लिए प्रायश्चित करने का कोई स्थान नियत नहीं होता है, इसके लिए अंदर का प्रकाश चाहिए जो सैकड़ों लोगों के बीच ‘अंधेरे बंद परिसर’ में भी हो सकता है।



