रुपये की जोरदार वापसी
रुपये में छह साल की सबसे बड़ी तेजी
मार्च में भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले 2.17 फीसदी की मजबूती दर्ज की, जिससे यह 85.50 के स्तर पर बंद हुआ। यह पिछले छह वर्षों में रुपये की सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। इससे पहले नवंबर 2018 में रुपये में 5 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई थी।
विदेशी निवेशकों की वापसी का असर
रुपये की इस मजबूती के पीछे विदेशी निवेशकों की वापसी मुख्य कारण रही। मार्च में विदेशी निवेशकों ने 32,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जिससे रुपये को मजबूती मिली। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में रुपया अब भी 2 फीसदी से अधिक टूट चुका है।
2 अप्रैल, 2024 को रुपया 83.42 के स्तर पर था, लेकिन विदेशी निवेश के चलते इसमें लगातार सुधार देखा गया।
विदेशी निवेशकों का रुख
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जनवरी : विदेशी निवेशकों ने 78,027 करोड़ रुपये की निकासी की।
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फरवरी : 34,574 करोड़ रुपये निकाले गए।
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मार्च : निकासी घटकर 3,973 करोड़ रुपये रह गई।
चालू वर्ष में अब तक कुल 1.16 लाख करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है, लेकिन हालिया निवेश प्रवाह ने रुपये को संबल दिया है।
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