पाकिस्तान के लिए जासूसी ;यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जांच में खुलासे, पीआईओ से संपर्क और दूतावास की भूमिका पर सवाल
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। मिलिट्री इंटेलिजेंस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें यह बात सामने आई है कि वह पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के समय भी पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में थी।
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दूतावास अधिकारी से बातचीत और डिलीट की गई चैट
सूत्रों के अनुसार, इसी साल मार्च में पाकिस्तानी दूतावास में तैनात अधिकारी दानिश से ज्योति की बातचीत हुई थी। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि उसने दानिश के साथ हुई दो बार की बातचीत की चैट डिलीट कर दी। हालांकि पूछताछ के दौरान ज्योति ने इससे इनकार किया है।
अब उसके दो मोबाइल फोन और लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया जा सके। जांचकर्ताओं का मानना है कि क्लाउड डेटा से भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
पूछताछ में बदल-बदल कर दे रही बयान
ज्योति जांच के दौरान शुरू में खुद को बेगुनाह बताती रही, लेकिन अब बार-बार अपने बयान बदल रही है, जिससे एजेंसियों को शक है कि वह जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। मिलिट्री इंटेलिजेंस ने मंगलवार को उससे छह घंटे तक गहन पूछताछ की। जब उससे इसी साल जनवरी में पहलगाम यात्रा का कारण पूछा गया, तो उसने बताया कि वह “रूटीन” में गई थी।
पाकिस्तान यात्राएं और वीजा अवधि में अनियमितता
ज्योति अब तक तीन बार पाकिस्तान जा चुकी है, लेकिन अप्रैल 2024 की यात्रा को लेकर जांच एजेंसियों को संदेह है। वह 17 अप्रैल को पाकिस्तान गई थी और 25 मई को लौटी, जबकि उसका वीजा केवल कुछ दिनों के लिए था। जांच में यह भी सामने आया कि दानिश ने ही उसकी वीजा अवधि बढ़वाई थी, जो कि संदेह को और गहरा करता है।
हरकीरत सिंह की भूमिका पर भी सवाल
पूछताछ में ज्योति ने बताया कि उसकी मुलाकात हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हरकीरत सिंह के जरिए ही पाकिस्तानी अधिकारी दानिश से हुई थी। दानिश के जरिये ही वह पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से संपर्क में आई।
जांच अभी जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ज्योति ने कोई सैन्य या खुफिया जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा की है या नहीं। अधिकारियों को उम्मीद है कि फोरेंसिक विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा होगा।


