इंदौर। देश में आलू से सोना बनाने की बात पर एक बार जमकर बवाल मचा था। कुछ समय पहले एक नेता के बयान को कुछ इसी तरह पेश किया गया था। अब आलू से सोना तो नहीं बन पा रहा, लेकिन ईंधन बनाने की तैयारी चल रही है। हो सकता है कि कुछ समय बाद आपकी कार आलू से सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) ने आलू से इथेनॉल बनाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किाय है। यह इंस्टीट्यूट प्लांट में आलू के वेस्ट और छिलकों से इथेनॉल बनाने की तकनीक का परीक्षण करेगा। इथेनॉल को डीजल व पेट्रोल का ग्रीन विकल्प माना जा रहा है। कई देश बड़े पैमाने पर इथेनॉल के रूप में बायोफ्यूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। अपने देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाया जा रहा है। सरकार डीजल में भी इथेनॉल मिलाने पर विचार कर रही है।
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अभी गन्ने और मक्के से बनता है इथेनॉल
अपने देश में गन्ने और मक्के से सबसे ज्यादा इथेनॉल बनाया जा रहा है। सड़े आलू से इथेनॉल बनाया जा सकता है। देश में आलू के कुल उत्पादन का 10-15 फीसदी खराब होने के कारण छांट दिया जाता है। इसके अलावा भी काफी मात्रा में खराब आलू निकलता है। इन सबका इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में हो सकता।



