पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने सब चीजों के बढ़ाए दाम, खुदरा महंगाई दर 3.93% के स्तर पर पहुंची

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम लगाता बढ़ रहे हैं। इसके कारण देश में महंगाई बढ़ती जा रही है। मई माह में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई।

यह आंकड़ा शुक्रवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से  जारी किया गया।  आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 3.48% थी, जो मई में बढ़कर 3.93% हो गई। हालांकि यह आंकड़ा बाजार के अनुमान 4% से थोड़ा कम रहा। जनवरी में संशोधित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे ऊंची महंगाई दर है। मई में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 3.53 प्रतिशत थी।

खाने-पीने की वस्तुओं पर पड़ा असर

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ा है, जिसने खुदरा महंगाई को बढ़ा दिया है। सरकार ने जनवरी 2026 में CPI की नई सीरीज शुरू की थी, संशोधित वस्तु टोकरी और नए बेस ईयर के साथ महंगाई का कैलकुलेशन शुरू किया गया था। इस हिसाब से मई 2026 के महंगाई के आंकड़े नए सीपीआई सीरीज में सबसे अधिक है।

मई में तेजी से भागी महंगाई

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह तेल और गैस के बढ़े दाम है। सरकारी तेल कंपनियों ने युद्ध के बाद से चार बार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की.घरेलू सिलेंडर के दाम दो बार और कमर्शियल सिलेंडर के दाम में चार बार बढ़ोतरी की गई है। तेल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ा है। परिवहन महंगाई अप्रैल में -0.01% थी, जो मई में बढ़कर 1.75% पर पहुंच गई। फूड एंड बेवरेज महंगाई 4.01% से बढ़कर 4.55%, तो कपड़ा और जूता महंगाई 2.80% से बढ़कर 2.98% पर पहुंच गई। मई में कोर महंगाई दर 3.4% से बढ़कर 3.8% (MoM) पर पहुंच गया है।

लोगों की जेब पर पड़ने लगा असर

शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका अधिक असर दिख रहा है। महंगाई का यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। सरकार ने रिजर्व बैंक को महंगाई को चार फीसदी पर रखने का लक्ष्य दिया है। इसमें दो फीसदी ऊपर या नीचे का मार्जिन भी शामिल है। यह लक्ष्य अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ती महंगाई से आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

आभूषण, टमाटर और अदरक भी महंगा

जिन वस्तुओं की महंगाई बढ़ी है उमें कीमती धातु के आभूषण, टमाटर और अदरक उन पांच वस्तुओं में शामिल हैं। किशमिश और मुनक्का भी अधिक महंगाई वाली वस्तुओं की सूची में हैं। इन वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के खर्च को बढ़ा रहा है। विशेष रूप से टमाटर और अदरक जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतों में वृद्धि चिंताजनक है। इससे दैनिक जीवन की लागत बढ़ गई है। दूसरी ओर, कुछ वस्तुओं की कीमतों में कम वृद्धि देखी गई। आलू, मटर, मोटर कार और जीप की महंगाई कम रही। जीरा और मोटरसाइकिल तथा स्कूटर भी कम महंगाई वाली शीर्ष पांच वस्तुओं में शामिल थे।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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