पश्चिम बंगाल में पुनर्मतदान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने जहां इस फैसले का स्वागत किया है, वहीं इसे और व्यापक स्तर पर कराने की मांग भी उठाई है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मगरहाट पश्चिम में हुए पुनर्मतदान को सही कदम बताया, लेकिन कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि डायमंड हार्बर और खासकर फलता क्षेत्र के कई अन्य बूथों पर भी दोबारा मतदान होना चाहिए था, क्योंकि वहां भी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुगली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि दोनों के बीच मिलीभगत साफ दिखाई दे रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल के माध्यम से भाजपा को बढ़त दिखाकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जो एक प्रकार का प्रचार है और इससे भाजपा को लाभ मिल रहा है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल के मतदाता जागरूक हैं और सही निर्णय लेने में सक्षम हैं। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि अंतिम परिणाम आने तक संयम बनाए रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें।
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इधर तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा कि चुनाव आयोग का पुनर्मतदान का निर्णय परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया, लेकिन इसके पीछे भाजपा की सोची-समझी रणनीति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दिन भाजपा ने अन्य दलों को उकसाने का प्रयास किया, ताकि विभिन्न स्थानों पर गड़बड़ी हो और बड़े पैमाने पर दोबारा मतदान कराया जा सके। पांजा ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने इस उकसावे का जवाब नहीं दिया और संयम बनाए रखा।


