नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश दुखी है और आतंकवादियों व पाकिस्तान को कोस रहा है, ऐसे में गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा अलग ही राग अलाप रहे हैं। वाड्रा का कहना है कि देश के माहौल की वजह से ये हमला हुआ। उन्होंने इसके लिए मस्जिदों में हो रहे सर्वे को भी दोषी ठहराया।
रॉबर्ड वाड्रा ने कहा कि मुझे ऐसा लगा कि मुसलमानों को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोक दिया जाता है या फिर मस्जिदों का सर्वे हो रहा है कि कोई मूर्ति मिल जाए, जो संभल में हो रहा है। अगर आप बाबर या फिर औरंगजेब की बात करते हैं तो अल्पसंख्यकों को दुख लगता है। इनको लेकर राजनीतिक होती है और रोक लगाई जाती है। धर्म और राजनीति को अलग होना चाहिए अगर इसे नहीं रोका गया तो ये जो आतंकी हमला हुआ है, वो होता रहेगा। क्योंकि सबूत है कि उन्होंने आईडी देखकर गोली मारी। उन्हें मारना है या छोड़ना है, वो कहां से होता है। उनकी सोच है कि मुसलमानों को दबाया जा रहा है।
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हिंदू-मुसलमान के बीच पैदा हुआ विभाजन
वाड्रा ने कहा कि अगर आप इस आतंकवादी कृत्य का विश्लेषण करते हैं, अगर वे (आतंकवादी) लोगों की पहचान देख रहे हैं तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्योंकि हमारे देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक विभाजन पैदा हो गया है। इससे इस तरह के संगठनों को लगेगा कि हिंदू सभी मुसलमानों के लिए समस्या पैदा कर रहे हैं। पहचान को देखना और फिर किसी की हत्या करना, यह प्रधानमंत्री के लिए एक संदेश है, क्योंकि मुसलमान कमजोर महसूस कर रहे हैं।


