नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट ने किसानों के हक में बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। 2025-26 के खरीफ सत्र के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 69 रुपए बढ़ाकर 2,369 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसमें 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के रतलाम–नागदा के बीच चार लेन रेलवे लाइन की मंजूरी दी गई है। इसी तरह आंध्र प्रदेश में फोरलेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कम ब्याज पर ऋण की योजना को मंजूरी दी है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने खरीफ की फसलों पर लागत से 50 फीसदी अधिकर एमएसपी को मंजूरी दी है। वैष्णव ने कहा कि सरकार ने बीते 10 साल में लगातार एमएसपी में बढ़ोतरी की है और हालिया फैसले से 7 करोड़ से अधिक किसानों को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 के लिए एमएसपी को कैबिनेट की ओर से अनुमोदित किया गया है। कुल राशि लगभग 2,07,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हर फसल के लिए लागत के साथ 50 फीसदी को ध्यान में रखा गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसानों के लिए ब्याज छूट का बनाए रखने फैसला लिया गया है, जिसमें 15 हजार 642 करोड़ का खर्चा आएगा। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख तक का लोन 4 फीसदी ब्याज पर मिलता रहे उसकी व्यवस्था की गई है। देश में 7.75 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड खाते हैं।
रतलाम से नागदा के बीच चार लेन रेलवे लाइन
मोदी कैबिनेट ने मध्य प्रदेश के रतलाम से नागदा के बीच रेलवे लाइन को 4 लेन करने को मंजूरी दी है। इसकी लंबाई 41 किलोमीटर है। इसी तरह महाराष्ट्र के वर्धा और तेलंगाना के बल्लारशाह रेल लाइन को भी 4 लेन करने का फैसला किया गया है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹3,399 करोड़ है। इन रेल लाइनों का कार्य 2029-30 तक पूर्ण किया जाएगा। भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 176 किमी की वृद्धि होगी। लगभग 784 गांवों में 19.74 लाख की जनसंख्या को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में बडवेल–गोपावरम गांव (एनएच-67) से गुरुविंदपुडी (एनएच-16) तक 4-लेन बडवेल–नेल्लोर हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। इस हाईवे की लंबाई 108.134 किलोमीटर है, जिसमें 3653.10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।


