नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर ले जा रहे हेलीकॉप्टर के पहिए बुधवार को केरल के एक लैंडिंग पैड पर धंस गए। बताया जाता है कि हेलीपैड का कांक्रीट और सीमेंट सूख नहीं पाया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हेलीपैड बनाने का निर्णय मंगलवार शाम को ही लिया गया था और पायलटों के निर्देश पर रात में ही कॉन्क्रीट डालने का काम शुरू हो गया। बुधवार सुबह तक काम पूरा किया गया, ताकि राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर वहां उतर सके। राज्य खुफिया विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हेलीपैड का कॉन्क्रीट पूरी तरह सूखा नहीं है, इसलिए वहां हेलिकॉप्टर न उतारा जाए। इसके बावजूद वहां हेलीकॉप्टर उतारा गया।
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बताया जाता है कि राष्ट्रपति की सबरीमाला यात्रा के दौरान सुबह चार बजे तक यह स्पष्ट नहीं था कि यात्रा सड़क मार्ग से होगी या हवाई मार्ग से। राष्ट्रपति सचिवालय ने तिरुवनंतपुरम से पंपा तक सड़क मार्ग की संभावना पर विचार किया था। राष्ट्रपति मुर्मू सबरीमाला जाने के लिए केरल पहुंची थीं। हेलीकॉप्टर के हेलीपेड पर उतरने के बाद उनका काफिला वहां से सड़क मार्ग से पंबा के लिए रवाना हो गया। राष्ट्रपति के वहां से रवाना होने के बाद कई पुलिसकर्मी और फायर ब्रिगेड के जवान हेलीकॉप्टर के पहियों को हैलीपैड के गड्ढों से बाहर निकालते दिखे। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए प्रमदम को अंतिम समय में तय किया गया था। इसीलिए वह ठीक से सूख नहीं पाया था। पहले राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग पंबा के पास निलक्कल में होनी थी, लेकिन खराब मौसम की वजह से जगह को बदलकर प्रमदम कर दिया गया।



