तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र पहुंचा भाषा विवाद
तमिलनाडु के बाद भाषा विवाद महाराष्ट्र पहुंच गया है दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीन-भाषा फॉर्मूला का हिस्सा है। लेकिन इस फैसले ने राज्य में नया राजनीतिक और भाषाई विवाद खड़ा कर दिया है।
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