वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इसे भाजपा नेताओं की सोची-समझी साजिश बताया, वहीं भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पूछा-विरोध करने वाली पार्षद को अब तक पार्टी से क्यों नहीं निकाला?

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इंदौर। नगर निगम इंदौर के बजट अधिवेशन का वंदे मातरम विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस वंदे मातरम का विरोध करने वाली पार्षद को निकालने की तैयारी में है, वहीं भाजपा का कहना है कि अब तक निकाला क्यों नहीं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे इसे भाजपा नेताओं की सोची-समझी साजिस बता रहे हैं, वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष का कहना है कि कांग्रेस वंदे मातरम का विरोध कर जिन्ना की मानसिकता का परिचय दे रही है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से हरीश फतेहचंदानी की सीधी बात

सवाल- नगर निगम के बजट अधिवेशन में आखिर वंदे मातरम पर विवाद क्यों हुआ? क्या कांग्रेस पार्षद आपकी या पार्टी की नहीं सुन रहे?

जवाब-ऐसा नही है। यह एक अप्रिय घटना थी, नहीं होना थी। नगर निगम के बजट अधिवेशन में विकास के मुद्दों पर चर्चा होना थी। चूंकि भाजपा के पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं था। इसीलिए इन लोगों ने इस विषय को छेड़ा। यह भाजपा नेताओं की सोची-समझी साजिश थी। मेन मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा ने ऐसा किया।

सवाल-वंदे मातरम का विरोध करने वाली रूबिना खान कह रही हैं कि आप उन्हें पार्टी से निकालने वाले कौन होते हो?

जवाब-मुझे शर्म आती है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष हूं। कोई भी प्रस्ताव मैं ही भेजूंगा। एक-दो दिन में उन्हें पता चल जाएगा कि मैं कौन हूं।

सवाल-इस विवाद में अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी उतर आई है, क्या ऐसे में कांग्रेस से अल्पसंख्यक नेता दूर नहीं होते जाएंगे?

जवाब-ऐसा कुछ भी नहीं है। कांग्रेस तो एक विचारधारा है। औवेसी भाजपा की बी टीम हैं। उनकी पार्टी निश्चित रूप देश में माहौल खराब करने के लिए काम कर रही है। मध्यप्रदेश का मुसलमान राष्ट्र और कांग्रेस के प्रति 100 फीसदी समर्पित है।

सवाल-कांग्रेस वंदे मातरम को लेकर अपनी पार्टी के मुस्लिम नेताओं को क्या संदेश देने जा रही है?

जवाब-वंदे मातरम राष्ट्र की भावना से ओतप्रोत है। ऐसे गीत गा कर इस देश को अंग्रेजों से आजाद कराया गया। हम सबका दायित्व है कि इसका सम्मान करें।

सवाल-भाजपा नगर निगम के सम्मेलन में भागीरथपुरा के लोगों को ले जाने का विरोध कर रही है। आपसे माफी की मांग भी उठी है?

जवाब-नगर निगम के बजट अधिवेशन में भागीरथपुरा के 22 परिवार स्वेच्छा से आए थे। वे महापौर और शहर के सामने अपना दर्द दिखाने आए थे। चूंकि वहां निगम के बाउंसर दादागिरी कर रहे थे, इसलिए यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनका साथ दिया।

भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से हरीश फतेहचंदानी की सीधी बात

सवाल-नगर निगम के वंदे मातरम विवाद को आप किस रूप में देख रहे हैं?

जवाब-वंदे मातरम इस राष्ट्र की आत्मा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा है। राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।  महात्मा गांधी, भगत सिंह, राजगुरु ने इसे गाया है। इसका विरोध करने वाले भारत का विरोध करते हैं। यदि वे कांग्रेस के नेता हैं तो कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे कि वह महात्मा गांधी के साथ है या विरोध करने वालों के साथ। वंदे मातरम तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में गाया गया था। सबसे पहले मु्लिम लीग और जिन्ना ने इसका विरोध किया था। इसका विरोध कर कांग्रेस जिन्ना की मानसिकता का परिचय दे रही है।

सवाल-कांग्रेस भी वंदे मातरम नहीं गाने पर पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है?

जवाब-जिस पार्षद (रूबीना खान) ने कहा कि कांग्रेस जाए भाड़ में, उसे निकाल रहे हो। फौजिया शेख अलीम ने भी तो गाने से इनकार किया था। उस पर कार्रवाई क्यों नहीं। इसका कारण शेख अलीम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के व्यावसायिक संबंध हैं। लव जिहाद में फंडिग के आरोपी अनवर डकैत को नहीं निकाल रहे हो। कांग्रेस मुस्लिम लीग की मानसिकता छोड़े।

सवाल-अल्पसंख्यक वंदे मातरम गाने को तैयार नहीं हैं, भाजपा में भी तो मुस्लिम नेता हैं?

जवाब-आज ही भाजपा ने शहर के 85 वार्डों में वंदे मातरम गायन का आयोजन किया। इसमें जितने भी मुस्लिम वार्ड थे उसके मुस्लिम नेताओं ने वंदे मातरम गाया। खजराना में पूर्व एमआईसी सदस्य उस्मान पटेल ने अपने बेटे के साथ वंदे मातरम गाया। वार्ड 58 में शौकत अली सहित कई नेताओं ने वंदे मातरम का गान किया। जो भारत का सेवक है, वह वंदे मातरम गाएगा।

सवाल-भाजपा अब इस मुद्दे पर और क्या करने जा रही है?

जवाब-इस मुद्दे पर हमारा स्टैंड तो क्लियर है। वंदे मातरम को लेकर भाजपा हर वार्ड में पहुंची। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे अपना स्टैंड क्लियर करें। जब वह वंदे मातरम का मान रखने की बात कह रहे हैं तो विरोध करने वाली पार्षद का निष्कासन पत्र तुरंत जारी करें।

सवाल–चिंटू चौकसे ने नगर निगम के बजट सम्मेलन में भागीरथपुरा के लोगों को ले जाकर हंगामा कराया। क्या इस मुद्दे पर भाजपा पर भारी पड़ रही है कांग्रेस?

जवाब-कांग्रेस केवल लाशों पर बैठकर राजनीति कर रही है। भागीरथपुरा की घटना में जिन लोगों की जान गई, उनके परिजनों को कांग्रेस ने एक-एक लाख रुपए देने का वादा किया था, आज तक आधे परिवारों को भी पैसे नहीं दिए। राहुल गांधी से लेकर जीतू पटवारी तक सभी नेता भागीरथपुरा सिर्फ नौटंकी करने गए। चिंटू चौकसे ने तो अस्थि विसर्जन हो जाने के बाद भी अस्थि विसर्जन की नौटंकी कर दी, जबकि भाजपा नेताओं वहां सिर्फ सेवा करने गए।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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